अरविंद भट ने पुरुष सिंगल्स खिताब जीता

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arvind-bhat300भारतीय खेलों के लिए रविवार का दिन थोड़ी खुशी और थोड़े गम लेकर आया। पाकिस्तान से मिली हार के दुख को बैडमिंटन में अरविन्द भट की जीत ने थोड़ी राहत दी। राष्ट्रीय चैंपियन अरविंद भट ने रविवार को 1,20ए000 डॉलर इनामी जर्मन ओपन ग्रां प्रि गोल्ड बैडमिंटन में पुरुष सिंगल्स खिताब जीतकर अपने करियर में एक नया शिखर छुआ। अनुभवी शटलर को यह सफलता 34 साल की उम्र में मिली है। अरविंद ने फाइनल में 2वें वरीय डेनमार्क के हेंस क्रिस्टियन विटिंगस को 24.22, 19.21, 21.11 से पराजित कर एक और उलटफेर किया। यह मुकाबला पूरे एक घंटा चला। पहला दौर छोडक़र दो बार के राष्ट्रीय चैंपियन अरविंद ने हर मैच में अपने से ऊंची वरीयता प्राप्त खिलाडिय़ों को शिकस्त दी। विश्व में 87वीं वरीयता वाले भारतीय खिलाड़ी ने पांच सालए नौ महीने बाद कोई खिताब जीता है। इसके अलावा यह पहला मौका हैए जब किसी भारतीय खिलाड़ी ने जर्मन ओपन में किसी वर्ग में खिताबी सफलता हासिल की। इससे पहले 1999 में भारत के पुलेला गोपीचंद ने फाइनल में जगह बनाई थी। अरविंद का यह कुल सातवां अंतरराष्ट्रीय खिताब है। इससे पहले वह 2004 में स्कॉटिश ओपन और 2007 में चेक इंटरनेशनल खिताब जीत चुके हैं। उन्होंने 2010 ग्वांग्झू एशियाई खेलों और 2011 में सुदीरमन कप में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। इससे पहले अरविंद ने तीन गेम तक चले मुकाबले में चीनी ताइपे के टिएन चेन चाउ को पराजित कर फाइनल में जगह बनाई थी। हेंस क्रिस्टियन विटिंगस ने दूसरे सेमीफाइनल में जर्मनी के चौथे वरीय मार्क ज्वेबलर को 21. 16ए 21.13 से हराया।

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