निकाय चुनाव में भाजपा को दमदार चुनौती मिल रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा को हार का सामना करना पड़ रहा है। जीएसटी और नोटबंदी का साफ साफ असर दिख रहा है। मायावती दलित मुस्लिम के गठजोड़ भले ही विधानसभा चुनाव में लाभ न मिल रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड में बसपा ने वापसी की है। समाजवादी पार्टी तो शहर में अपना खाता तक नहीं खोल पा रही है। उत्तर प्रदेश के 16 नगर निगम, 198 नगर पालिका और 438 नगर पंचायतों के चुनाव की काउंटिंग शुक्रवार को सुबह 8 बजे शुरू हो गई है। शुरुआती रुझान के मुताबिक, 16 नगर निगम में से 10 पर बीजेपी आगे चल रही है। वहीं, एक पर कांग्रेस और पांच पर बहुजन समाजवादी पार्टी ने बढ़त बनाई है। पहले राज्य में 14 नगर-निगम थे। इनमें 10 पर बीजेपी का कब्जा था। इस बार दो नए नगर निगम अयोध्या-फैजाबाद और मथुरा-वृंदावन में भी चुनाव हुए हैं। इन सभी सीटों के लिए तीन फेज में 22, 26 और 29 नवंबर को वोट डाले गए थे।

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