नई दिल्ली। अखिलेश यादव के चाचा और समाजवादी पार्टी के वरिष्‍ठ नेता शिवपाल यादव व निर्दलीय विधायक राजा भैया को महागठबंधन से अलग करके बीजेपी सरकार ने यूपी में महागठबंधन के चक्रव्यूह को तोड़ने का काम किया है। कुछ दिनों पहले ही शिवपाल ने अगल पार्टी बनाकर अखिलेश को झटका दिया था तो वहीं राजा भैया भी अपनी अलग पार्टी का गठन करने वाले हैं। दोनों ही नेताओं को प्रदेश सरकार ने बंगले देने का निर्णय किया है।

योगी सरकार ने शिवपाल यादव को मायावती का बंगला आवंटित तो किया ही है, इसके साथ ही उनके जेड प्लस सुरक्षा भी मुहैया कराने का भी निर्णय किया है। अखिलेश को झटका देने के लिए बीजेपी हर तरह से शिवपाल को मदद करती दिख रही है। गौरतलब है कि जो बंगला शिवपाल को दिया गया है, उसमें 12 बेडरूम, 2 बड़े हॉल, 12 ड्रेसिंग रूम, 2 किचन, 4 बड़े बरामदे और स्टाफ क्वर्टर हैं। इतना ही नहीं इस बंगले में 8 एसी प्लांट के साथ 500 किलोवॉट के साउंड प्रूफ जनरेटर भी लगे हुए हैं।

मंच साझा करने के बाद यूपी की सियासत में सरगर्मी बढ़ गई है। इस अवसर पर अपर्णा यादव ने कहा कि माननीय चाचा जी हमारे चहेते नेता हैं। नेताजी के बाद मैंने इन्हीं को सबसे ज्यादा माना है। मैं चाहती हूं कि सेक्युलर मोर्चा आगे बढे। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि चुनाव में अच्छे लोगों को चुनकर लाइए। लखनऊ में शिवपाल की पार्टी राष्ट्रीय क्रांतिकारी समाजवादी के स्थापना दिवस के कार्यक्रम में सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के बाद उनकी छोटी बहू अपर्णा यादव ने मंच पर नजर आई।

शिवपाल के बाद योगी सरकार सराजा भैया को भी खुश करने में लगी हुई है और उन्हें जल्द ही अखिलेश यादव का खाली किया गया बंगला 4, विक्रमादित्य मार्ग आवंटित कर सकती है। इन दिनों राजा भैया भी अखिलेश यादव से नाराज चल रहे हैं। ऐसे में योगी सरकार उन्हें साधने के लिए ये कदम उठा सकती है।

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