लोकसभा चुनाव से कुछ ही समय पहले मोदी सरकार ने बड़ा दाव खेल दिया है। सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए सवर्ण जातियों को 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला लिया है। कैबिनेट ने फैसला लिया है कि ये आरक्षण आर्थिक रुप से कमजोर सवर्ण समाज के लोगों को दिया जाएगा। इसके लिए सरकार संविधान में संशोधन करेगी।

मंगलवार को संसद में शीतकालीन सत्र का आखिरी दिन है। जिसके चलते मोदी सरकार संसद में संविधान संशोधन बिल पेश कर सकती है। बता दें कि ये आरक्षण आर्थिक स्थिति के आधार पर दिया जाएगा। जिसमें व्यक्ति की संपत्ती की सीमा तय की जाएगी। सीमा के भीतर आने वाले व्यक्ति को ही लाभ मिल पाएगा।

इस बिल को लाने के पीछे राजनीतिक वजह निकाली जा रही है। बता दें कि 2018 में SC/ST एक्ट को लेकर जिस तरह मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का फैसला पलट दिया था, उससे सवर्ण खासा नाराज बताया जा रहा था।

बता दें कि मोदी सरकार ये आरक्षण आर्थिक आधार पर ला रही है, जिसकी अभी संविधान में व्यवस्था नहीं है. संविधान में जाति के आधार पर आरक्षण की बात कही गई है, ऐसे में सरकार को इसको लागू करने के लिए संविधान में संशोधन करना होगा।

इसके लिए सरकार जल्द ही संविधान में बदलाव करेगी। इसके लिए अनुच्छेद 15 और अनुच्छेद 16 में बदलाव किया जाएगा. दोनों अनुच्छेद में बदलाव कर आर्थिक आधार पर आरक्षण देने का रास्ता साफ हो जाएगा।

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