कहते हैं भगवान जिसको देता है छप्पर फाड़कर देता है। कोई शख्स सोच भी नहीं सकता कि किस्मत उसपर कब मेहरबान हो जाए। ऐसा ही एक वाक्या देखने को मिला मध्‍य प्रदेश के पन्‍ना जिले में, जहां पर दो मजदूर रातोंरात करोड़पति बन गए। हीरे की खान में काम करने वाले मोतीलाल और रघुवीर प्रजापति ने दो महीने पहले एक बड़ा सा हीरा निकाला था। शुक्रवार को इस हीरे की नीलामी की गई, जिसमें उन्‍हें 2.55 करोड़ रुपये मिला।

पन्‍ना के हीरा अधिकारी संतोष सिंह ने बताया कि 42.9 कैरट के इस हीरे के बदले 2.55 करोड़ रुपये मिला। बोली लगाने वाले ने 20 प्रतिशत धनराशि जमा की है और बाकी का पैसा हीरा मिलने के एक महीने के अंदर वे जमा करेंगे। 12 प्रतिशत रॉयल्‍टी और अन्‍य टैक्‍स काटकर बाकी का पैसा प्रजापति के खाते में जमा किया जाएगा। इस तरह दोनों मजदूर 2.30 करोड़ रुपये की धनराशि को आपस में साझा करेंगे।

इन मजदूरों का भाग्‍य उस समय चमका जब उन्‍होंने 9 अक्‍टूबर को पन्‍ना के अब तक के इतिहास में दूसरा सबसे बड़ा हीरा खदान से निकाला। इससे पहले वर्ष 1961 में पन्‍ना की हीरे की खदान से 44.55 कैरट का हीरा निकला था। इन मजदूरों को इस बात की जानकारी नहीं थी कि उन्‍होंने जो पत्‍थर जिला हीरा अधिकारी के कार्यालय में जमा किया है, वह हीरा है। अब ये मजदूर इस पैसे से अपना कर्ज लौटा सकेंगे।

नीलामी के बाद इन मजदूरों ने पूजा की और मिठाइयां बांटी। उन्‍होंने कहा, ‘अब हम अपने बच्‍चों की पढ़ाई करा पाएंगे।’ मोतीलाल ने कहा कि रघुवीर को इस पैसे की सख्‍त जरूरत थी, क्‍योंकि उसे अपना कर्ज अदा करना है। हीरा अधिकारी ने बताया कि एक महीने के अंदर इन लोगों को पैसा मिल जाएगा। इस नीलामी में देशभर के लोगों ने हिस्‍सा लिया था।

बता दें कि पन्‍ना में कई लोग अपना भाग्‍य आजमाने आते हैं और जिला प्रशासन से लीज लेकर खानों में खुदाई करते हैं। हीरा मिलने पर उसे जिला हीरा अधिकारी के कार्यालय में जमा करना होता है, जहां उसकी नीलामी होती है।

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