अगर 7 दिनों के भीतर आपका पैसा वापस नहीं आता तो आपको एनेक्शर-5 फॉर्म भरना होगा।
पैसे निकालने के लिए अब लोग ATM जाना ही पसंद करते हैं, यहां बस कार्ड लगाओ और पैसे निकल आते हैं। बैंक भी एटीएम को बढ़ावा दे रहे हैं, इससे बैंकों में लाइन भी नहीं लगती और लोगों का टाइम भी बचता है। कभी कभी एटीएम से पैसे निकालते वक्त दिक्कत का भी सामना करना पड़ता है, जैसे कि आप एटीएम से पैसे निकाल रहे हैं और पैसे निकालते वक्त आपके खाते से तो पैसे कट गए लेकिन एटीएम से नहीं निकले। इस स्थिति में बैंक आपके पैसे 7 दिन के अंदर-अंदर अपने आप आपके अकाउंट में जमा कर देता है। आरबीआई के नियम के मुताबिक जिस बैंक में आपका अकाउंट है वह बैंक 100 रुपए रोजाना पेनल्टी के तौर पर देगा।
ये है नियम: ATM से पैसे निकालते वक्त ऐसी स्थिति आने पर कस्टमर को अपने बैंक जाना होगा, जिसमें खाता है। वहां इससे संबंधित शिकायत देनी होगी। शिकायत देने के 7 दिन के अंदर-अंदर यदि पैसे नहीं आते हैं तो बैंक को रोजाना 100 रुपए के हिसाब से जुर्माना देगा। यह जुर्माना तब तक देना होगा जब तक पैसे वापस नहीं आ जाते। अगर 7 दिन में पैसे वापस आ जाते हैं तो बैंक कोई जुर्माना नहीं देगा। RBI के निर्देश हैं कि बैंकों को जुर्माने की रकम कस्टमर के खाते में खुद डालनी होगी। इसके लिए कस्टमर की ओर से दावा ठोकने की जरूरत नहीं होगी। खास बात यह है कि जिस दिन फेल्ड ट्रांजैक्शन के पैसे वापस होंगे। उसी दिन जुर्माने की रकम भी अकाउंट में डालनी होगी।

कैसे करें क्लेम: बैंक से पेनल्टी लेने के लिए ट्रांजैक्शन फेल होने के बाद 30 दिन के अंदर शिकायत दर्ज करानी होगी। शिकायत के साथ ट्रांजैक्शन की पर्ची या अकाउंट स्टेटमेंट बैंक में देनी होगी। बैंक के अधिकृत कर्मचारी को अपने डेबिट कार्ड की डिटेल देनी होंगी। अगर 7 दिन के भीतर आपका पैसा वापस नहीं आता तो आपको एनेक्शर-5 फॉर्म भरना होगा, जिस दिन आप ये फॉर्म भरेंगे आपकी पेनल्टी उसी दिन से चालू हो जाएगी।

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