सलेम मामले में केंद्र को दो हफ्ते की मोहलत

144
abu salem
abu salem

अंडरवल्र्ड डॉन अबू सलेम के प्रत्यर्पण को रद करने के लिए केंन्द्र सरकार को समय मिल गया है. पुर्तगाल की सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अध्ययन करने के लिए उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार को दो हफ्ते का वक्त और दिया है. सोमवार को सुनवाई के दौरान अटार्नी जनरल जीई वाहनवती ने दलील दी कि पुर्तगाल की अदालत के फैसले के अध्ययन के लिए सरकार को वक्त की दरकार है, क्योंकि फैसला पुर्तगाली भाषा से अंग्रेजी में अनुवाद कराया जाना है.

इससे पहले जस्टिस पी सतशिवम की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने प्रत्यर्पण रद होने के बाद आपराधिक मामला खारिज करने की सलेम की याचिका पर सीबीआइ और विदेश मंत्रालय से जवाब मांगा था और अटार्नी जनरल से केस में मदद करने को कहा था. फिलहाल, मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद सलेम ने पुर्तगाल की सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रत्यर्पण रद करने के निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखने के बाद सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. पुर्तगाली अदालत ने प्रत्यर्पण की शर्तों के कथित उल्लंघन पर यह फैसला दिया था. प्रत्यर्पण के वक्त भारत ने पुर्तगाल को यह भरोसा दिलाया था कि सलेम के खिलाफ ऐसे आरोप नहीं लगाए जाएंगे जिसके तहत फांसी या 25 साल से ज्यादा की सजा का प्रावधान हो. हालांकि दिल्ली और मुंबई पुलिस ने बाद में अलग-अलग मामलों से जुड़े आरोपपत्र में ऐसी धाराएं शामिल कीं, जिनके तहत मौत की सजा का प्रावधान है. इससे सरकार और सीबीआइ को फजीहत का सामना करना पड़ा। बाद में पुलिस ने इन आरोपों को वापस लेने की कोशिश की, लेकिन दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा करने की मंजूरी नहीं दी. सलेम ने प्रत्यर्पण की शर्तों के उल्लंघन पर लिस्बन हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. सलेम और उसकी साथी मोनिका बेदी को 11 नवंबर 2005 को पुर्तगाल से भारत प्रत्यर्पित किया गया था.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.