ब्रिटेन की एक अदालत ने दिल्ली के तिहाड़ जेल को लेकर सुरक्षित परिसर बताया है। अदालत का बयान विजय माल्या के भारत प्रत्यर्पण के लिहाज से बहुत अधिक महत्वपूर्ण हो सकता है। लंदन हाईकोर्ट ने तिहाड़ जेल को सुरक्षित परिसर करार देते हुए कहा है कि यहां भारतीय भगोड़ों का प्रत्यर्पण किया जा सकता है। हालांकि अदालत का ये फैसला क्रिकेट फिक्सिंग के आरोपी संजीव चावला के केस में आया है। लेकिन बैंक धोखाधड़ी कर भागे विजय माल्या के प्रत्यर्पण के लिहाज से भी इसे बेहद अहम माना जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, हाईकोर्ट के जस्टिस लेगाट और जस्टिस डिंगेमैन्स ने अपने फैसले में कहा कि तिहाड़ में भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक संजीव चावला के लिए कोई खतरा नहीं है। भारत की ओर से चावला के इलाज का भरोसा दिलाए जाने के बाद लंदन हाई कोर्ट ने यह बात कही है। बता दें कि संजीव चावला पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की फिक्सिंग का आरोप है। यह हैंसी क्रोन्ये मैच फिक्सिंग का मामला है, जिसमें भारतीय क्रिकेटरों अजय जडेजा और मोहम्मद अजहरुद्दीन पर भी आरोप लगा था।

अब इस मामले में नए फैसले के लिए केस वेस्टमिन्सटर मजिस्ट्रेट कोर्ट को ट्रांसफर होगा। ब्रिटेन के विदेश मंत्री चावला के प्रत्यर्पण के संबंध में आखिरी फैसला लेंगे, लेकिन इसे लंदन के सुप्रीम कोर्ट में भी चैलेंज किया जा सकता है। बहरहाल, न्यायालय के इस फैसले का विजय माल्या के केस पर असर होना लगभग तय है। इसकी वजह यह है कि माल्या कोर्ट में भारत की जेलों को असुरक्षित बता चुके हैं और हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद ब्रिटिश अदालत से उसके प्रत्यर्पण को भी मंजूरी दे सकती है।

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