नई दिल्ली । सतलोक आश्रम में महिला भक्त की मौत और 19 नवबंर 2014 को अनुयायियों द्वारा पुलिस से भिडऩे पर हुई मौत के मामले में आज रामपाल को हिसार की विशेष अदालत ने दोषी करार दे दिया। हत्या के दोनों मामलों में सजा 16-17 अक्तूबर को सुनाई जाएगी। फैसले के लिए सेंट्रल जेल में ही कोर्ट बनाया गया और अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश डी. आर. चालिया ने मामले की सुनवाई की। फैसले के बाद रामपाल के समर्थकों द्वारा उपद्रव होने की आशंका के चलते जेल के ही अंदर विडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए रामपाल की पेशी हुई।

फैसले के मद्देनजर हरियाणा के हिसार शहर को किले में तब्दील कर दिया गया है  और किसी भी संभावित बवाल, हिंसा और तोडफ़ोड़ जैसी घटनाओं से निपटने के लिए पुलिस ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। यहां तैनात जवान 15 अक्टूबर तक यहां तैनात रहेंगे। पुलिस के मुताबिक हिसार में 25, हिसार बॉर्डर पर 12 नाके बनाये गये हैं। रामपाल का साम्राज्य दूर दूर तक फैला हुआ था। उसके साधक कहते थे कि रामपाल स्वर्ग भेजने की ताकत रखता है। वे सीधे सादे लोगों को कहते थे कि बाबा बाबा रामपाल उन्हें भगवान से मिलाने की ताकत रखता है, जैसे ही कोई शख्स बाबा की चमत्कारिक ताकतों पर भरोसा कर लेता रामपाल के एजेंट उसे लेकर सतलोक आश्रम में पहुंच जाते और फिर शुरू होता आस्था और अंधविश्वास का खेल।

उल्लेखनीय है कि 18 नवंबर 2014 को सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल को बरवाला स्थित उसके आश्रम से बाहर निकालने के लिए पुलिस ने अभियान चलाया था। कार्रवाई के पहले दिन काफी लोग घायल हुए, लेकिन रामपाल के समर्थक डटे रहे। रामपाल के बाहर निकलने तक काफी हिंसा हुई और इस दौरान पांच महिलाओं समेत एक बच्चे की मौत हुई थी।

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