94 फीसदी लोगों ने माना ड्राइविंग के वक्‍त फोन का इस्तेमाल खतरनाक

461

नई दिल्ली| सेवलाइफ फाउंडेशन और वोडाफोन इंडिया लिमिटेड के अध्ययन के अनुसार 47 फीसदी लोग गाड़ी चलाते समय फोन पर बात करते हैं। ड्राइविंग के वक्त फोन का इस्तेमाल खतरनाक, सेवलाइफ फाउंडेशन और वोडाफोन इंडिया लिमिटेड 94 फीसदी लोग मानते हैं कि गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल खतरनाक है, किंतु इनमें से 47 फीसदी इस बात को स्वीकार भी करते हैं कि वे गाड़ी चलाते समय फोन सुनते हैं। संस्‍था ने नई दिल्ली में थीम ‘सेफ्टी इन मोबिलिटी’ के तहत भारत की पहली रिपोर्ट जारी की।
रिपोर्ट ‘डिस्ट्रैक्टेड ड्राइविंग इन इंडिया : अ स्टडी ऑन मोबाइल फोन युजेज, पैटर्न एंड बिहेवियर’ का अनावरण वोडाफोन इंडिया के रेग्यूलेटरी एवं सीएसआर निदेशक पी. बालाजी तथा सेवलाइफ फाउंडेशन के ऑपरेशंस निदेशक साजी चेरियन के द्वारा किया गया। सेहत के लिए जीवनशैली बदलना चाहते हैं दिल्लीवासी इस अवसर पर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के संयुक्त सचिव अभय डेमले ने वोडाफोन सेवलाइफ फाउंडेशन ‘रोड सेफ’ मोबाइल एप्लीकेशन लांच किया।

मोबाइल फोन के प्रयोग से 20 प्रतिशत चालकों की मौत
भारत में किया गया अपनी तरह का यह पहला सर्वेक्षण अंतर्राष्ट्रीय शोध एजेंसी कंटार पब्लिक के द्वारा किया गया, जिसमें 8 शहरों के 1749 वाहन चालक शामिल थे। इन वाहन चालकों में दोपहिया, तिपहिया और चार-पहिया वाहन चालक सहित ट्रक/बस के चालक भी शामिल थे। अध्ययन किए गए 34 फीसदी चालकों ने बताया, “वे वाहन चलाने के दौरान फोन पर बात करते समय अचानक ब्रेक लगाते हैं, जबकि 20 फीसदी चालकों ने बताया कि वे वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने के कारण सड़क दुर्घटना का शिकार होने से बचे हैं।”

96 प्रतिशत लोग अपने को मान रहे सुरक्षित
सर्वेक्षण के परिणाम दर्शाते हैं कि 96 फीसदी यात्री अपने आप को असुरक्षित महसूस करते हैं अगर वाहन चालक गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता है। इस मौके पर अभय डेमले ने कहा, “भारत सरकार सड़क दुर्घटनाओं एवं मौतों की संख्या को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है। लोकसभा द्वारा मोटर वाहन संशोधन विधेयक पारित किया गया है। मानसून सत्र में विधेयक पर विचार किए जाने की संभावना है।”आम जनता को वाहन चलाते समय फोन को नजरअंदाज करने के बारे में शिक्षित करने के लिए एक छोटा ऑडियो -विजुअल ओकेटूइग्नोर भी लांच किया जा रहा है। बालाजी ने कहा, “वोडाफोन में हमारे कर्मचारियों, एसोसिएट्स, उपभोक्ताओं, समुदाय एवं आम जनता की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण हमारी पहली प्राथमिकता रही है। सीएसआर एवं स्थायित्व के परिप्रेक्ष्य से भी हम सुरक्षा और विशेष रूप से सड़क सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करते रहे हैं।” साजी चेरियन ने कहा, “हम वोडाफोन-सेवलाईफ फाउंडेशन रोड सेफ मोबाइल ऐप्लीकेशन के लांच के द्वारा इस समस्या का समाधान करना चाहते हैं जो वाहन चलाते समय चालक की एकाग्रता भंग नहीं होने देगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.