रामदेव बोले, मैं चाहता तो लाल किले पर नहीं फहरता तिरंगा

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जून 2011 में रामलीला मैदान से सलवार सूट में भागे बाबा को इस बार मनमोहन सरकार ने सम्मान सहित तुड़वाया अनशन लेकिन बाबा हैं कि फूल कर कुप्पा हुए जा रहे हैं।

बाबा रामदेव भी शेखी बघारने में कम नहीं हैं। उनका कहना है कि यदि हम चाहते तो प्रधानमंत्री इस बार 15 अगस्त को झंडा नहीं फहरा पाते। इसके पीछे रामदेव तर्क देते हैं कि यदि सोमवार को संसद में काले धन पर मतदान हुआ होता तो सरकार गिर गई होती। उन्हें उन दलों का भी समर्थन मिला है, जो सत्ताधारी गठबंधन को समर्थन दे रहे है। दिल्ली पुलिस ने रामदेव और उपस्थित जनसमूह से आग्रह किया कि स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले सुरक्षा कारणों से स्टेडियम खाली कर दें। स्टेडियम उस मार्ग पर पड़ता है, जहां से होकर प्रधानमंत्री लाल किले पर तिरंगा फहराने जाएंगे। रामदेव ने समर्थकों से स्टेडियम छोडऩे के लिए कहा और कहा कि यदि हम चाहते तो प्रधानमंत्री को स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराने से रोक सकते थे, लेकिन यह कोई राजनीतिक आयोजन नहीं है। वाह रे बाबा रामदेव। कालेधन पर बाबा जिस तरह सरकार को घेर रहे हैं वह बाबा रामदेव नहीं बल्कि भाजपा के एक एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। यह तो सभी जानते हैं कि मनमोहन सरकार भ्रष्टï है इसमें बाबा नया क्या बता रहे हैं।

बाबा रामदेव काले धन के मुद्दे पर जनजागरण कर रहे हैं , बाबा यह भी कहते हैं कि सरकार को विदेशों में जमा काला धन वापस मंगवाने के लिए कदम उठाने चाहिए। यह सब कहते हुए बाबा रामदेव कुछ आंकड़े भी बताते हैं, लेकिन बाबा यह नहीं कहते कि किस किस का काला धन विदेशों में जमा है? हालाँकि बाबा रामदेव कई बार देश के उद्योगपतियों और नेताओं पर काले धन के लिए ऊँगली उठा चुके हैं लेकिन काले धन पर बाबा के खुद के बयान अपने आप में बहुत भ्रामक और मज़बूरी भरे दिखते हैं। अब जबकि बाबा रामदेव के सहयोगी बालकिशन फर्जी पासपोर्ट मामले में जेल के अन्दर हैं, बाबा का एक दावा तो झूठा सिद्ध हो गया है। सी बी आई को लेकर बाबा रामदेव ने उन्हें परेशान करने और बालकिशन का पासपोर्ट असली होने का दावा किया था लेकिन बाबा का दावा फर्जी निकला और रामदेव के सहयोगी बालकृष्ण के पासपोर्ट की हकीकत देश के सामने आ ही गयी। पिछले पन्द्रह सालों में 12 सौ करोड़ की प्रापर्टी बनाने वाले बाबा रामदेव जब दूसरों को भ्रष्टï कहते हैं तब बात कतई हजम नहीं होती। 1200 करोड़ की सम्पत्ति की घोषण बाबा कर चुके हैं लेकिन उनकी कंपनियों की आय का कच्चा चिटठा खुलना शेष है। बाबा रामदेव की सम्पत्ति का हिसाब जोड़ा जाये तो उनकी अधिकांश जमीनें उत्तरांचल, दिल्ली ,हरियाणा, हिमाचल और पंजाब में है। इसके अलावा विदेशों में भी उनकी बेशकीमती जमीनें हैं। खुफिया सूत्रों के मुताबिक बाबा रामदेव की एक हज़ार एकड़ जमीन हरिद्वार में है जिसकी कीमत करीब तीन करोड़ बताई जाती है। हरिद्वार में ही सौ एकड़ जमीन में बाबा रामदेव का आश्रम है जिसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये है। हरिद्वार में ही फूडपार्क के नाम से एक प्रतिष्ठान भी है जिसकी कीमत तकऱीबन पांच करोड़ रुपए बताई जाती है। हरिद्वार में ही बाबा रामदेव के नाम से एक ईमारत भी है जिसकी कीमत 25 करोड़ है। बाबा रामदेव के पास 96 एकड़ ज़मीन सोलन ( हिमाचल प्रदेश) मे है जिसकी मार्केट कीमत 20 करोड़ रुपये बताई जाती है। इसके अलावा बाबा रामदेव ने गुडगांव में करीब 60 एकड़ ज़मीन खरीदी है जिसकी कीमत 50 करोड़ से भी ज्यादा है। हाल ही में बाबा रामदेव ने स्कॉट्लैंड मे एक 750 एकड़ का एक टापू खऱीदा है जिसकी कीमत भारतीय मुद्रा के हिसाब से लगभग 140 करोड़ रुपए से अधिक बताई जाती है। इसके अलावा होस्टन में भी बाबा रामदेव ने 99 एकड़ ज़मीन खरीदी है जिसकी कीमत करीब 900 करोड़ बताई जाती है।

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