अहं के आगे छोटा पड़ा देश, लंदन नहीं जाएंगे पेस

152

ओलम्पिक से अपना नाम वापस लिया, टेनिस संघ ने दो टीमें भेजने का फैसला किया

Leander Paes
Leander Paes

टेनिस में भारत की शान लिएंडर पेस ने लंदन ओलिंपिक से अपना नाम वापस ले लिया है । पेस ने काफी जूनियर खिलाड़ी के साथ अपनी जोड़ी बनाए जाने को लेकर इस कदम के जरिए अपनी नाराजगी दर्शाई है। इससे पहले गुरुवार को अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) ने गुरुवार को ओलिंपिक पुरुष डबल्स में दो टीमें भेजने का फैसला किया और इस तरह से लिएंडर पेस की कम रैंकिंग वाले विष्णु वर्धन के साथ जोड़ी बनाई गई थी। इसके साथ ही एआईटीए ने अपने पिछले कुछ दिनों से चले आ रहे टेनिस संकट को सुलझाने का भी दावा किया था। पेस-भूपति। भारतीय टेनिस के यह दो सितारे अलग अलग कर नहीं देखे जा सकते। खेल इतिहास की सबसे कामयाब जोड़ी और किसी जमाने में अच्छे दोस्त रहे पेस भूपति के बीच अब दरार साफ दिखने लगी है। पेस और भूपति 17 साल से साथ में टेनिस खेल रहे हैं। कभी ये जोड़ी टूटती है तो कभी जुड़ जाती है। लेकिन इस बार बात शायद कुछ ज्यादा ही बिगड़ गई कंधे से कंधा मिलाते हुए देश का नाम इस जोड़ी ने कई बार रोशन किया। लेकिन अब शायद भारतीय टेनिस का वो सुनहरा दौर बीत चुका है क्योंकि ये सदाबहार जोड़ी एक बार फिर टूट चुकी है। यह बात अलग है कि अपने फैसले पर कायम रहते हुए आल इंडिया टेनिस एसोसिएशन ने साफ कर दिया है कि लंदन ओलम्पिक में पेस भूपति की जोड़ी ही खेलेगी। गौरतलब है कि भूपति ने पेस के साथ जोड़ी बनाने से इंकार कर दिया था और रोहन बोपन्ना के साथ जोड़ी बनाने की जिद की थी। टेनिस की दुनिया में आसमान छूने का सपना लेकर 1994 में पहली बार पेस और भूपति ने जोड़ी बनाई। लेकिन 2000 आते आते दोनों के बीच रिश्ते बिगडऩे लगे। नवम्बर 1999 में कंधे की सर्जरी कराने के बाद अगले साल मई में महेश भूपति लिएंडर पेस के साथ एक बार फिर जोड़ी बनाने आए। लेकिन उन्हें पता चला कि पेस पहले ही किसी और के साथ जोड़ी बना चुके हैं। तमाम विवादों के बावजूद ये जोड़ी सिडनी ओलम्पिक शुरू होने से पहले आखिरकार साथ आ गई। लेकिन दोस्ती में दरार के चलते अप्रैल 2002 में ये साथ खेलने से कतराने लगे। 2004 के एथेंस ओलम्पिक में इस जोड़ी ने तालमेल के अभाव में कांस्य पदक गंवा दिया। 2006 के एशियन गेम्स में आपसी मनमुटाव के बावजूद कोर्ट पर इन्होंने गजब का तालमेल दिखाया। चैम्पियन भी बने लेकिन इसके बाद ऐलान किया कि अब कभी साथ नहीं खेलेंगे। 2008 के बीजिंग ओलम्पिक में यह जोड़ी फिर साथ आई। लेकिन दोनों ने साथ खेलने की सिर्फ औपचारिकता ही निभाई। बीजिंग ओलिम्पिक से ये जोड़ी खाली हाथ लौटी। अब लंदन ओलम्पिक में दुआ की जानी चाहिए कि पेस-भूपति की जोड़ी 1994 वाली लय में लौटे और भारत को टेनिस में पदक दिलाए। एआईटीए ने हालांकि स्वयं दुनिया के नंबर 7 खिलाड़ी पेस के लिए यह फैसला अनुचित करार दिया। उसने महेश भूपति और रोहन बोपन्ना को लंदन के लिए टीम बनाने की इजाजत दे दी। इन दोनों ने पेस के साथ जोड़ी बनाने से इनकार कर दिया था। एआईटीए अध्यक्ष अनिल खन्ना ने जूनियर खिलाड़ी के साथ जोड़ी बनाने की दशा में ओलिंपिक से हटने की पेस की धमकी के बारे में कहा था, वर्तमान परिस्थितियों में दो टीमें भेजना ही सर्वश्रेष्ठ विकल्प था। इसमें कोई संदेह नहीं कि सबसे अधिक देशप्रेमी जिसने भारत की तरफ से सबसे अधिक डेविस कप मैच खेले और जो पिछले 20 साल से देश की सेवा कर रहा है, उस व्यक्ति के लिए कोई विकल्प नहीं छोड़ा गया और इसलिए उन्हें तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करनी पड़ी। उन्होंने कहा, एआईटीए लिएंडर की छवि धूमिल नहीं करना चाहता। एआईटीए ने लिएंडर से उन कड़वी बातों (जो भूपति और बोपन्ना ने उनके खिलाफ कही) को भूल जाने के लिए कहा। खन्ना ने कहा, लिएंडर पेस-विष्णु वर्धन (रैकिंग 207) और महेश भूपति-रोहन बोपन्ना के रूप में दो टीमें होंगी। हमने लिएंडर से अपना मन बदलने व बोपन्ना और विष्णु को उनके पहले ओलिंपिक में मदद करने के लिये कहा। इसके साथ ही पेस की कंधे की चोट से उबर रहे सोमदेव देववर्मन के साथ जोड़ी बनाने को लेकर लगाये जा रहे कयास भी खत्म हो गए।खन्ना ने कहा, यह फैसला भारत के नंबर एक खिलाड़ी (पेस) के साथ अनुचित है। एआईटीए लिएंडर को बहुत सम्मान देता है।लेकिन एआईटीए ने मिक्स्ड डबल्स में पेस की जोड़ी सानिया मिर्जा के साथ बनाने का फैसला किया है जो कि भूपति को नागवार गुजरे। भूपति और सानिया ने हाल में फ्रेंच ओपन का खिताब जीता था। खन्ना ने कहा कि यदि सानिया 28 जून को ओलिंपिक के लिए वाइल्ड कार्ड हासिल कर लेती हैं तो वह पेस के साथ जोड़ी बनाएंगी क्योंकि इन दोनों की संयुक्त रैंकिंग से उन्हें इस खेल महाकुंभ में सीधे प्रवेश मिल जाएगा। उन्होंने कहा, सानिया फ्रेंच ओपन के बाद कह चुकी है कि हालांकि वह भूपति के साथ जोड़ी बनाने को प्राथमिकता देगी लेकिन ओलिंपिक में वह किसी भी जोड़ीदार के साथ खेलने के लिए तैयार है। खन्ना ने कहा, लिएंडर और सानिया को ही मिक्स्ड डबल्स में सीधा प्रवेश मिला है। यदि सानिया को वाइल्ड कार्ड मिलता है तो वे एकमात्र भारतीय जोड़ी होगी क्योंकि उनकी संयुक्त रैंकिंग 19 है। खन्ना से जब पूछा गया कि पेस के जोड़ीदार के रूप में सोमदेव के नाम पर क्यों विचार नहीं किया गया, उन्होंने कहा, हम पेस की जोड़ी ऐसे खिलाड़ी के साथ बनाकर जो पूरी तरह से फिट नहीं हो, उनकी संभावना खत्म नहीं करना चाहते थे। खन्ना ने हालांकि भूपति और बोपन्ना के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई करने से इनकार किया जिन्होंने शुरुआती चयन को लेकर हल्ला बोल की रणनीति अपनायी थी। उन्होंने कहा, ‘महेश और रोहन के खिलाफ कड़ा फैसला करना देश हित में नहीं है। एआईटीए की आचार संहिता है। हम ओलिंपिक के बाद ही किसी कार्रवाई पर विचार करेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.