योगी जी बढायेंगे अखिलेश का यश

67

अखिलेश की टोटी की जांच ठंडे बस्‍ते में और यश भारती बस्‍ते से बाहर
यशभारतीयों को सम्‍पर्क फॉर समर्थन अभियान का हिस्‍सा बना सकती है भाजपा
अनूप जलोटा प्रेस क्‍लब में जगायेंगे यश भारती पेंशन की लगन
अखिलेश ने यश भारती बांट 200 लोगों को 11 लाख रुपये नगद और 50 हजार रुपए की आजीवन पेंशन दी

अखिलेश की टोटी पर गदर काटने वाले मंत्री व अफसर अब अखिलेश का यश बढाने में जुटे हैं। महाराज जी के महल से खबर आ रही है कि अब अखिलेश की यशभारती पर योगी सरकार मेहरबान है। योगी जी के एक बेहद करीबी अफसर बीते एक साल से यशभारती को चमकाने में लगे थे। उनके कई अपने यशभारती के पेंशन का सुख उठाने वालों की कतार में हैं। अतीक अहमद की यशगाथा गाने वाले इमरान प्रतापगढी अखिलेश यादव के ओएसडी, भाजपा कार्यकर्ता नरेन्‍द्र सिंह राणा भाजपाई चैनल के एक पत्रकार और समाजवादी पत्रकार के साथ ही कई चाटुकार भी यशभारती से सम्‍मानित हो गये थे। अखिलेश सरकार ने करीब 200 लोगों को 11 लाख रुपये नगद और 50 हजार रुपए की आजीवन पेंशन वाला यशभारती पुरस्कार दिया । हालांकि यशभारती सम्‍मान की जांच का ऐलान योगी जी ने सत्‍ता में आते ही किया था लेकिन करीबी अफसर की मेहनत से योगी जी का दिल पसीज गया और अब यशभारती सम्‍मान की जांच को दरकिनार अब इसे बहाल करने की खबर आ रही है। इस करीबी अफसर ने ही कवि गोपाल दास नीरज की मुख्यमंत्री से मुलाकात भी करवाई है। मुलाकात के बाद कवि गोपाल दास नीरज ने भी कहा कि यशभारती को लेकर योगी जी का रुख सकारात्‍मक है । गोपालदास नीरज संगठन मंत्री सुनील बसंल से भी मिले और यशभारती सम्‍मान शुरू होने की उम्‍मीद जताई है।
ख बर है कि भाजपा अखिलेश के इन यशभारतीयों को अपने सम्‍पर्क फॉर समर्थन का हिस्‍सा बना सकती है। मुख्‍यमंत्री योगी पर यशभारती पेंशन शुरू करने के लिए दबाव बनाने के लिए यश भारती पाने वाले प्रेस क्‍लब में अनूप जलोटा के साथ एकजुट हो रहे हैं।

अतीक अह मद की यशगाथा गाने वाले इमरान प्रताप गढी को भी मिला सम्‍मान

11 लाख रुपये और आजीवन पचास हजार की पेंशन वाले यश सम्‍मान को अखिलेश सरकार ने दोनों हाथों से खुल कर बांटा। एक तरफ माफिया अतीक अहमद की यश गाथा गाने वाले इमरान प्रतापगढी तक सम्‍मानित हो गये तो दूसरी तरफ यश भारती सम्‍मान समारोह का संचालन करने वाली एंकर आनन फानन में सम्‍मानित हो गई। तत्‍कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कार्यालय के एक ओएसडी ने खुद ही अपने नाम की अनुशंसा की और उसे पुरस्कार मिल भी गया। एक बडे अखबार के सम्‍पादक की सिफारिश यश भारती दिलाने में कामयाब रही। इंडियन एक्सप्रेस को आरटीआई के तहत अखिलेश यादव के कार्यकाल में यश भारती पाने वाले 142 लोगों का ब्योरा मिला था। हालांकि एक अनुमान के मुताबिक अखिलेश सरकार ने करीब 200 लोगों को ये पुरस्कार दिया था। तमाम पत्रकार भी यश सम्‍मान पा गये। यश सम्‍मान के लिए योग्‍यता के कोई मापदंड थे ही नहीं।

अमिताभ, अरुणिमा सिन्हा और नवाज़ुद्दीन सिद्द़ीकी़ भी पा चुके हैं यशभारती

बताते चलें कि यूपी का नाम रोशन करने वालों को सम्‍मानित करने की पवित्र पहल 1994 में शुरू की गई थी। यूपी की कला संस्‍कृति व साहित्‍य के क्षेत्र में उतकृष्‍ट योगदान करने वालों को सम्‍मानित किया जाता रहा है। यह पुरस्कार अमिताभ बच्चन, हरिवंश राय बच्चन, अभिषेक बच्चन, जया बच्चन, ऐश्वर्या राय बच्चन, शुभा मुद्गल, रेखा भारद्वाज, रीता गांगुली, कैलाश खेर, अरुणिमा सिन्हा, नवाज़ुद्दीन सिद्द़ीकी़, नसीरूद्दीन शाह, रविंद्र जैन, भुवनेश्वर कुमार जैसी हस्तियों को मिल चुका है. पूर्व की अखिलेश सरकार ने थोक के भाव यशभारती पुरस्‍कार बांटे थे जिससे न सिर्फ इसकी गरिमा गिरी बल्कि साहित्‍य व कलाजगत में इसकी घनघोर आलोचना भी हुई थी।

Image may contain: 2 people, people smiling, people sitting

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.