मुंबई में कार्ड क्लोनिंग कर 2 करोड़ की ठगी करने वाले 6 गिरफ्तार…

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मुंबई। मुंबई क्राइम ब्रांच ने एटीएम कार्ड की क्लोनिंग कर ठगी करने वाले एक ऐसे गैंग को गिरफ्तार किया है, जिसने 2 करोड़ से ज्यादा की ठगीं की है। इस गैंग के 6 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मुंबई और आस-पास के इलाकों में इस गैंग ने एटीएम कार्ड क्लोनिंग से पुलिस की नाक में दम कर रखा था।

11 जून को नागपाड़ा पुलिस में विजय चव्हाण नाम के शख्स ने मामला दर्ज करवाया जो पेशे से मर्चेंट नेवी है। विजय चव्हाण के एकाउंट से पैसे ट्रांजेक्शन का मामला दर्ज़ कराया था कि मेरे एकाउंट से 2 लाख 16 हज़ार रुपये निकाले गए है। मामला दर्ज करने के बाद क्राइम ब्रांच इस मामले की पड़ताल करना शुरु की। इस मामले में पुलिस ने 2 दुकानदारों को डिटेन किया था और उसके बाद से धीरे-धीरे पुलिस ने इन 6 आरोपी को पकड़ा लिया।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, ये 6 आरोपी होटल पेट्रोल पम्प और पीवीआर के लोग को अपना शिकार बनाते थे। जैसे ही कोई भी व्यक्ति बिल चुकाने के समय अपना एटीएम या क्रेडिट कार्ड देता, वह उस कार्ड को स्विप मशीन पर स्वाइप करते और सामने वाले की पूरी जानकरी इस मशीन में कैद हो जाती। उसके बाद इनका खेल शुरु होता। कार्ड क्लोनिंग गैंग के गिरफ्तार सदस्यों से पुलिस को 600 से ज्यादा लोगों का डाटा मिला है। इन 6 आरोपी में से रमेश चंद्रन मुख्य आरोपी है। ये लोग राजस्थान, रत्नागिरी, तमिलनाडु, ठाणे और मुंबई के रहने वाले है। इनके पास 10 मोबाइल फ़ोन, 4 लेपटॉप, 97 क्लोन डेबिट और क्रडिट कार्ड, 2 कार्ड रीडर, 4 मिनी डाटा कलेक्टर मशीन और 1 एटीएम स्वाइप मशीन है।

मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम यह पता लगाने में जुटी है कि कार्ड स्वैप करने के लिए इस गैंग के लोगों द्वारा कैसे माल, पीवीआर और पेट्रोल पंप पर काम करने वालो का झांसा और मिलकर काम किया जा रहा था। पुलिस की माने तो 6 लोगों ने मिलकर मुंबई के पीवीआर,होटल, पेट्रोल पंप और जगहों पर अपना नेटवर्क स्थापित करके 600 लोगों का डाटा चुराया है तो इसमें और लोग भी शामिल हो सकते है। इस तरह की कार्ड ठगीं के शिकार लोगों के पुलिस ने अपील की है कि अगर आपके साथ ऐसा हुआ है तो पुलिस में शिकायत दर्ज करवाए।

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