अर्थशास्त्र के नोबेल की दौड़ में रघुराम राजन

242

आपको अर्मत्य सेन की याद तो होगी जिन्हें वर्ष 1998 में अर्थशास्त्र का नोबेल मिला था। अब भारत को एक बार फिर अर्थशास्त्र में नोबेल मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। बताते चलें कि भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन इस साल अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार पाने वाले संभावित दावेदारों में शामिल हैं। वॉल स्ट्रीट जनरल में प्रकाशित एक रिपोर्ट की माने तो क्लेरीवेट एनालिटिक्स द्वारा तैयार संभावित छह उम्मीदवारों की सूची में राजन का नाम भी शामिल है। हालांकि, इस सूची में नाम आने का मतलब यह नहीं है कि राजन पुरस्कार पाने वालों में सबसे आगे हैं, बल्कि वह इसे जीतने वाले संभावित दावेदारों में से एक हैं।
राजन तीन साल रिजर्व बैंक के गर्वनर रहे हैं
क्लेरीवेट एनालिटिक्स नोबेल पुरस्कार के दर्जन भर संभावित विजेताओं की सूची अनुसंधान कार्य के आधार पर तैयार करती है। इस फर्म के अनुसार राजन कारपोरेट फाइनेंस में फैसलों के आयामों को रोशन करने में अपने योगदान के लिए पुरस्कार के एक दावेदार माने जा रहे हैं। राजन तीन साल तक भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रहे। राजन इस समय शिकागो विश्वविद्यालय में बूथ स्कूल आफ बिजनेस में प्रोफेसर हैं। अर्थशास्त्र के लिए नोबेल पुरस्कार की घोषणा सोमवार को की जाएगी। अगर रघुराम राजन को अर्थशास्त्र का नोबेल मिलता है तो भारत को यह गौरव दूसरी बार हासिल होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.