पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मोदी की लहर: सर्वे

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पूरे देश के साथ-साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी मोदी की ही लहर चल रही है। अगर सिर्फ पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बात करें तो बीजेपी यहां बाकी सभी पार्टियों से काफी आगे चल रही है। ये हम नहीं बल्कि सर्वे कह रहा है। 11 फरवरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 72 विधानसभा सीटों पर चुनाव है। लेकिन इस ग्राउंड रिपोर्ट की तह तक जाने के बाद आप पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जमीनी हकीकत का अंदाजा लगा सकते हैं। खास बात ये है कि यह आकलन तीन बड़े मीडिया हाउस के पत्रकारों ने किया है। जिसमें एनडीटीवी के राजनीतिक संपादक, सीएनएन न्यूज 18 की पत्रकार और लाइव मिंट का आकलन शामिल है।

तो इसमें सबसे पहले बात करते हैं एनडीटीवी के राजनीतिक संपादक अखिलेश शर्मा की। अखिलेश ने अपने ट्वीटर हैंडल के जरिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश की स्थिति का आकलन किया है। उन्होंने लिखा है कि “पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जो ग्राउंड रिपोर्ट मिली हैं, उसके मुताबिक बीजेपी दूसरे दलों से काफी आगे है। बीजेपी भी अच्छा कर रही है और ठीक-ठाक वोट मिलेंगे।” इस ट्वीट को देखने बाद तो यही जाहिर होता है कि संपादक अखिलेश शर्मा यहां पर समाजवादी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन को आइना दिखा रहे हैं और ग्राउंड रिपोर्ट के हवाले से साफ कर रहे हैं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मतदाता क्या चाहते हैं।

अब आते हैं सीएनएन न्यूज 18 की वरिष्ठ पत्रकार मार्या शकील की। मार्या एक जानी मानी पत्रकार हैं। मार्या ने हाल के समय में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाकर ग्राउंड रिपोर्टिंग की है। मार्या ने चुनाव से पहले अपनी निरपेक्ष राय रखी है। मार्या ने अपने ट्वीटर एकाउंट में लिखा है कि “पश्चिमी उत्तर प्रदेश में यात्रा करने के बाद मुझे लगता है कि आज के दिन में बीजेपी दूसरी पार्टियों के मुकाबले बढ़त बना चुकी है।”

अब बात करते हैं तीसरे रिपोर्ट यानी लाइव मिंट की। लाइव मिंट ने एक खबर प्रकाशित की है। जिसमें उसकी हेडिंग है – Modi’s popularity, OBC support give BJP the edge in western Uttar Pradesh। इस स्टोरी की शुरुआत लाइव मिंट ने एक वोटर की राय से रखी है। गंगोह के 35 वर्षीय राजबीर सिंह बताते हैं, “अगर आप नरेंद्र मोदी के प्रतिनिधि के तौर पर एक खाली कुर्सी भी रख देंगे तो हम लोग उस कुर्सी के लिए ही वोट करेंगे। मोदी सबसे लोकप्रिय नेता हैं। लोगों ने 2014 में मोदी के लिए वोट किया था और वो सपोर्ट अब भी कायम है। उत्तर प्रदेश में बढ़ता अपराध और उसे रोक पाने में नाकामी की वजह से अखिलेश यादव के खिलाफ लोगों का गुस्सा बढ़ा है।”

इन तीनों रिपोर्ट को देखने के बाद ये तो साफ है कि जनता के बीच अभी भी मोदी की लहर तेज है और बरकरार भी। मोदी की लोकप्रियता अब भी सबसे ऊपर है। अखिलेश यादव के खिलाफ लोगों का गुस्सा बढ़ा है, जबकि मोदी के वादों पर लोगों को पूरा भरोसा है। अगर इनकी बात सच होती है तो ये कहना गलत नहीं होगा कि कुछ समय बाद अखिलेश मोदी की आंधी को भी जल्द ही देखेंगे।

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