धधक रहीं हैं भटठियां,  खाक हो रहे परिवार 

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विनोद कुमार भारद्वाज की रिपोर्ट

यूपी में शराब से हो रही मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। लखनऊ अलीगढ ऐटा आजमगढ उन्‍नाव में न जाने कितने परिवार जहरीली शराब से उजड गये। संत कबीर नगर जनपद कें बखिरा थाना क्षेत्र कें भेडौंरा पिकौंरा गांव में खुलेआम धधक रही जहरीली शराब की भटठियां पुलिस प्रशासन और आभकारी विभाग कें मिलीभगत सें फलफूल रहा गोरखधंधा
इससे यह साबित हो रहा है कि आज के समय में तुम लोगों को इतनी परेशानियां व थकान मिटाने के लिए नशे का इस्तेमाल कर रहे हैं और उसका आदि बन जा रहे हैं जिसके कारण उसी आगे की जिंदगी घातक नजर आने लगती है इन मादक पदार्थों की लत से लगभग शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत तेजी से बढ़ रही है ग्रामीण अंचलों में इस मादक पदार्थ की मांग दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है शराब पीने के बाद लोगों को यह गाना याद आता है मुझे पीने का शौक नहीं पीता हूं गम भुलाने को आज के समय में लगभग 90% लोग नशे में तब्दील हैं लोगों का कहना है शराब पीने से तनाव व चिंता को कम करने में बेहद कारगर सिद्ध होता है जब लोग अधिक मात्रा में मादक पदार्थों के सेवन में अन्नत घातक परिणाम सामने नजर आते हैं जैसे कि नशे की हालत में अपने मां बाप व बीवी और बच्चों को मारते-पीटते जाते हैं और बच्चों को शिक्षा के रुप को दरकिनार करते उनसे कच्ची शराब की भटठियों पर रख देते हैं और उनसे शराब बनाने का कार्य करवाते रहते हैं ऐसे भी बच्चों के भविष्य खराब हो रही है इन मादक पदार्थ की ललक अब ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा हो चुकी है उनकी पकड़ मजबूत होती जा रही है इनको उखाड़ बहुत ही मुश्किल हो रहा है समाज को देखते हुए आजकल के विद्यार्थी भी चोरी चुपके तंबाकू सिगरेट पान मसाला बियर आदि का सेवन करने लग रहे हैं और युवाओं के जीवन की आकांक्षा उपलब्धि सफलता निराश याद होती नजर आ रही है आजकल के युवाओं असफलताओं से उबने लगे हैं गांव में कारोबारी अपना जाल फैलाते जा रहे हैं और चोरी चुपके इसकी की बिक्री करनें मैं सफल नजर आ रहे हैं लोगों से मुंह मांगी रकम भी वसूलते हैं तथा भूमिगत बाजार में अपना वर्चस्व रखते हैं नशाखोर कच्ची शराब के कारण तमान बुराइयों का सामना लोगों का करना पड़ रहा है आज उस स्थिति में पहुंच गए हैं कि वह अपने अमल के बिना जिंदा नहीं रह सकते भेडौरा पिकौरागांव में पनप रही कच्ची शराब के सेवन से अब तक पांच कम उम्र की महिलाएं विधवा हो चुकी है।वही नन्हे मुन्ने बच्चे भी कच्ची शराब के शिकार हो रहे हैं।कच्ची शराब को लेकर ग्रामीणों ने अनेकों बार पुलिस प्रशासन को सूचना दिया लेकिन ग्रामीणों की एक भी सुनी नहीं जा रही है।कुछ ग्रामीणों ने दबी जुबान से बताया पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारी कच्ची शराब के कारोबारियों के उपर कोई कार्रवाई नही होती सिर्फ दिखावा किया जाता हैं।जिससे ग्रामीणों में बेहद रोष व्याप्त है।ग्रामीणों ने गांव में प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कच्ची शराब बंद करवाने करवाने के लिए जिला प्रशासन से गुहार लगाई है।

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