यूपी चुनाव: पांचवें चरण के वोटिंग खत्म, 57 फीसदी मतदान

132

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव पांचवें चरण में आज 11 जिलों की 51 सीटों पर मतदान सुबह 7 बजे शुरु हो गया। इस चरण में अयोध्या और अमेठी जैसी संवेदनशील सीटों पर मतदान चल रहा है। मतदान शुरु होने से पहले ही मतदान केन्द्रों पर चहल-पहल शुरु हो गई थी। मतदाताओं की कतारें लग गई थीं। इन कतारों में महिलाओं की संख्या भी पर्याप्त थी, हालांकि कई मतदान केन्द्र सूने भी देखे गए। मतदान शुरु होने के समय अम्बेडकरनगर के एक मतदान केन्द्र पर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन में गड़बड़ी आई लेकिन इसे समय रहते ठीक कर लिया गया।

मतदान अपडेट्स
5 बजे तक 57.36% वोटिंग हुई
3 बजे तक 49.19 फीसदी वोटिंग हुई
पांचवें चरण में 2 बजे तक 40 फीसदी वोटिंग
पांचवें चरण में 12 बजे तक 25 फीसदी वोटिंग
बलरामपुर में हड़पुर, जनकपुर गांव में लोगों ने किया मतदान का बहिष्कार
बलरामपुर में तुलसीपुर विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 353 पर नहीं पड़े एक भी वोट
सुबह नौ बजे तक वोटिंग
सिद्धार्थनगर- 10 प्रतिशत
फैजाबाद- 11 प्रतिशत
संतकबीर नगर- 10 प्रतिशत
गोंडा में 11 प्रतिशत वोट
बलरामपुर- 11.5 प्रतिशत
अमेठी सीट से सपा उम्मीदवार गायत्री प्रजापति ने डाला वोट
कांग्रेस नेता संजय सिंह की पत्नी अमिता सिंह किया मतदान

इस चरण के चुनाव में सभी की निगाहें अमेठी विधानसभा सीट पर ज्यादा लगी हैं जहां पर त्रिकोणीय मुकाबला है। इस सीट से कांग्रेस नेता संजय सिंह की पहली पत्नी गरिमा सिंह भाजपा से और दूसरी पत्नी अमिता सिंह कांग्रेस के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं। सपा सरकार के बहुचर्चित मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति ने अमेठी सीट के चुनाव को रोचक बना दिया है। राहुल गांधी, मायावती, अमित शाह, अखिलेश यादव तथा कई केन्द्रीय मंत्रियों ने अपनी पार्टी के प्रत्याशियों के पक्ष में जनसभाओं को संबोधित किया।

पांचवे चरण में 608 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। अमेठी में सबसे अधिक 24 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस को 5-5 सीटें मिली थीं जबकि बसपा को 3 और पीस पार्टी को 2 सीटें हासिल हुई थीं। श्रावस्ती, बलरामपुर, सुल्तानपुर और अंबेडकरनगर में सपा प्रत्याशियों ने हर सीट पर जीत दर्ज की थी। सबसे कम 6 उम्मीदवार सिद्धार्थनगर की कपिलवस्तु और इटवा सीट पर हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पांचवे चरण के तहत 51 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार शाम खत्म हो गया था। इस चरण के प्रचार में राजनीतिक दलों की आेर से ‘गधा, कसाब और कबूतर’ जैसे शब्द का जमकर इस्तेमाल किया गया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here