शहाबुद्दीन जेल से रिहा, बोले- नीतीश नहीं, लालू हमारे नेता

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बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पूर्व सांसद और बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन शनिवार को 11 वर्षो के बाद जेल से रिहा हो गए। सीवान के चर्चित तेजाब कांड के चश्मदीद गवाह की हत्या मामले में पटना उच्च न्यायालय से जमानत मिलने के बाद उन्हें भागलपुर जेल से रिहा कर दिया गया। समर्थकों ने मिठाइयां बांटीं और उनका स्वागत किया। रिहाई के बाद शहाबुद्दीन ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार परिस्थितिन्य मुख्यमंत्री हैं, उनके नेता तो लालू प्रसाद हैं। राजद ने उनके बयान को सही ठहराया, जबकि विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सरकार पर निशाना साधा।


जेल से रिहा होने के बाद शहाबुद्दीन करीब 100 वाहनों के काफिले के साथ सीवान रवाना हुए। उनके काफिले में कई विधायक भी शामिल रहे। सीवान में उनके स्वागत के लिए जगह-जगह तोरणद्वार बनाए गए। लोगों ने मिठाइयां बांटीं। सीवान पहुंचने के पूर्व गोपालगंज, खगड़िया और समस्तीपुर में जगह-जगह उनका स्वागत किया गया। भागलपुर जेल से बाहर निकलने के बाद उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार परिस्थितिजन्य मुख्यमंत्री हैं। हमारे नेता लालू प्रसाद हैं और रहेंगे।

मेरी रिहाई से राजनीति का कोई लेना-देना नहीं
पूर्व सांसद शहाबुद्दीन सुबह करीब साढ़े सात बजे जेल से बाहर आए। समर्थकों ने गाजे-बाजे के साथ उनका स्वागत किया। शहाबुद्दीन ने कहा, “मैं अपनी इमेज बदलने की कोशिश नहीं करूंगा। पिछले 26 साल से लोगों ने मुझे इसी रूप में स्वीकार किया है।” उन्होंने कहा, “मेरी रिहाई से राजनीति का कोई लेना-देना नहीं है। मुझे न्याय मिलेगा, यह पूरा भरोसा था। लंबे अंतराल के बाद जेल के बाहर की हवा मिलने और परिवार के पास जाने की खुशी है।” शहाबुद्दीन ने कहा, “कौन कहता है कि सीवान में लोग डरे हुए हैं? सीवान के लोग खुश हैं। जो लोग यह कह रहे हैं, वे मेरी इमेज खराब कर रहे हैं।”


भाजपा नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, “उन्हें कोई गंभीरता से नहीं लेता। कम से कम मैं तो उन्हें गंभीरता से नहीं लेता।” चार बार सांसद और दो बार विधायक रहे शहाबुद्दीन को बुधवार को राजीव रौशन की हत्या के मामले में पटना उच्च न्यायालय ने जमानत दे दी थी। उनके खिलाफ पहला आपराधिक मामला वर्ष 1986 में दर्ज हुआ था।

शहाबुद्दीन की रिहाई के बाद उनके परिजन भी काफी खुश हैं। शहाबुद्दीन की पत्नी हिना ने खुशी का इजहार करते हुए कहा कि “क्या कहूं, बहुत खुशी है। पूरे जिलावासी खुश हैं। खुशी को लेकर जुबां से क्या बयां करूं।” इधर, शहाबुद्दीन के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ‘परिस्थितियों के मुख्यमंत्री’ बताए जाने पर बिहार का सियासी पारा गर्म हो गया है।

राज्य में खौफ का नया माहौल पैदा हुआ
भाजपा ने बिहार सरकार पर आरोप लगाया कि चर्चित तेजाब हत्याकांड मामले में न्यायालय के आदेश के बावजूद ट्रायल की प्रक्रिया शुरू नहीं करके सरकार ने पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की रिहाई का रास्ता साफ किया, इससे राज्य में खौफ का नया माहौल पैदा हुआ है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय ने कहा कि शहाबुद्दीन जैसे व्यक्ति की रिहाई से राज्य में शांति-व्यवस्था का मामला कठघरे में आ गया है। उन्होंने पार्टी द्वारा 14 सितंबर को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर एक दिन का धरना देने की घोषणा करते हुए कहा कि पार्टी सरकार की चुप्पी का विरोध करेगी।

पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने आरोप लगाया कि सरकार अपराधियों के प्रति नरमी बरत रही है। भाजपा इस मुद्दे पर चुप नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि शहाबुद्दीन की रिहाई से अपराधियों का मनोबल बढ़ा है।

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