अखिलेश के दावों की खुली पोल, पीयूष गोयल की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिजली गुल

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यूपी के चुनावी घमासान में बिजली सबसे अहम मुद्दा बना हुआ है। बिजली को सारी पार्टियां एक-दूसरे पर खूब कीचड़ उछाल रही हैं। लेकिन इसी बीच अखिलेश सरकर के 24 घंटे बिजली देने वाले दावों की पोल कल उस वक्त खुल गई जब बिजली मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बिजली गुल हो गई।

वाराणसी में पीयूष गोयल बिजली को लेकर मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस तो हो गई लेकिन इसके ठीक बाद बिजली ने झटका दे दिया। बत्ती गुल हो गई और बीजेपी का ये चुनावी दफ्तर अंधेरे में डूब गया।

जिसके बाद गोयल ने अपने ट्विटर वॉल पर लिखा कि सौगंध गंगा मैया की, आज काशी में संवाददाता सम्मेलन के दौरान बिजली गुल देख कर सपा के खोखले दावों की पोल खुल गई। बिजली कटने के बाद पीयूष गोयल ने पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 24 घंटे बिजली आपूर्ति मुद्दे पर अखिलेश यादव को चुनौती दे डाली और बिजली के मुद्दे पर अखिलेश को आईना दिखाते हुए जमकर पलटवार किया। गोयल ने कहा कि 22 से 24 फरवरी के बीच तीन दिन में शिवपुर क्षेत्र में 52 बार जबकि सारंगनाथ, सारनाथ में 21 बार बिजली गुल हुई। शहर के अन्य हिस्सों में भी लोग बिजली कटौती से त्रस्त हैं।

न्होंने कहा कि सीएम अखिलेश यादव और आजम खान बताएं कि क्या इसी को 24 घंटे बिजली आपूर्ति कहते हैं ? उर्जा मंत्री ने आगे कहा कि केंद्र सरकार की योजना है कि 15 अगस्त 2022 तक पूरे देश में सफ्ताह के सातों दिन 24 घंटे बिजली जनता को मिले। पॉवर ऑफ आल के तहत 28-29 राज्यों ने करार पर हस्ताक्षर किये गए हैं लेकिन इसमें यूपी ने कोई रूचि नहीं दिखाई। गोयल ने कहा कि केंद्र सरकार ने सस्ते दर पर बिजली उपलब्ध कराने के लिए कई बार लिखा लेकिन यहां की सरकार ने कोई रुची नहीं दिखाई और हमें उनकी ओर से कोई जवाब ही नहीं मिला।

वहीं, अगर आकड़ों की बात करें तो यूपी में बिजली सप्लाई जरूरत के हिसाब से नहीं हो रही। यूपी के गांव में 71 फीसद घरों में बिजली नहीं है। यूपी के शहरों में 33 फीसद घरों में बिजली नहीं है। यूपी में बिजली का कारोबार घाटे में चलता है। 2013-14 में यूपी में बिजली कारोबार में करीब 17 हजार करोड़ का घाटा हुआ।

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