पासवान को भाई मोदी की गोदी

171

paswanउदितराज के बाद रामविलास पासवान। पासवान को भा गई भाजपा। जीवन भर भाजपा को पानी पी पीकर कोसने वाले पासवान का भाजपा से इश्क अचानक ही नहीं हुआ। सोनिया के दरबार में माथा टेकने वाले पासवान ने अपने चिराग के लिए सुरक्षित ठिकाना भाजपा को ही चुना। फिल्मों में चल न पाने के कारण चिराग को राजनीति में लाने के लिए पासवान ने पासा फेंका है। तीसरे मोर्चे को पासवान की लोकजनशक्ति के भाजपा में विलय होने से करारा झटका लगा है। सत्ता से दूर रहना पासवान की फितरत में है ही नहीं। सरकार किसी की बने पासवान तुरंत सुर बदल कर सत्ता का गुणगान करने लगते हैं। राहुल को प्रधानमंत्री बनाने की वकालत करने वाले पासवान को मोदी अब सबसे योग्य प्रधानमंत्री नजर आ रहे हैं। सवर्णों को दिन रात गाली देने वाले उदितराज भी सवर्णों की पार्टी कही जाने वाली भाजपा की शरण में आए हैं। गुजरात दंगों में मोदी का जमकर विरोध करने वाले पासवान तर्क देते हैं कि मोदी को कोर्ट ने बरी कर दिया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.