परवेज टीचर हैं फटीचर नहीं

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मुशर्रफ का पढ़ाने में मिले पैसे से होता है गुजारा

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने स्विस बैंक में किसी भी तरह का खाता होने से इनकार किया है। एचटी लीडरशिप समिट में पहुंचे मुशर्रफ ने एक सवाल के जवाब में कहा कि मैं आरामदायक जिंदगी जरूर जी रहा हूं लेकिन ऐशो आराम की जिंदगी नहीं। मुशर्रफ ने कहा कि उन्हें लेक्चर के बदले पैसे मिलते हैं इसी से वे अपना खर्चा चलाते हैं। उन्होंने माना कि उनका लंदन में 1450 और दुबई में 3000 स्क्वायर फीट का फ्लैट है लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि वो ऐशो आराम की जिंदगी जी रहे हैं।
करगिल युद्ध के लिए जिम्मेदार कहे जाने वाले परवेज मुशर्रफ ने भारत और पाकिस्तान के बीच शांति और सुलह की बात भी की। मुशर्रफ ने कहा कि वे चाहते हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच सभी विवाद निपटाए जाएं, दोनों देशों को बीच यात्राएं और व्यापार बढ़े और अफगानिस्तान को लेकर झगड़ा खत्म हो।

मुशर्रफ का ये भी कहना है कि दोनों देशों के बीच वीजा नियम आसान हों। दोनों देशों के बीच खेल, संस्कृति, धार्मिक टूरिज्म और मेडिकल टूरिज्म भी बढ़े। उन्होंने कहा कि इसके लिए नीयत की जरूरत है। मुशर्रफ ने ये भी शिकायत की कि उन्हें पिछली बार वीजा नहीं दिया गया।
मुशर्रफ ने सवाल उठाया कि क्या हम अपनी सेनाओं की संख्या कम करने को तैयार हैं? उन्होंने कहा कि पाकिस्तान परमाणु और पारंपरिक हथियार कम करने पर सहमत है। साथ ही उन्होंने जोड़ा कि वे पाकिस्तान सरकार की तरफ से नहीं बोल रहे हैं, लेकिन वे चाहते हैं कि ऐसा हो। पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों परमाणु संपन्न देश हैं और यही बात खतरनाक साबित हो सकती है।
उन्होंने कहा कि एक दूसरे पर अविश्वास ने ही हमें दुश्मन बनाया है। हमें कश्मीर समस्या का हल करने की जरूरत है। इसके लिए संयम बरतना होगा। सभी समस्याओं का हल होना चाहिए, चाहे ये राजनीतिक मसला हो या सेना का। सियाचिन, सरक्रीक और जल संधि का समाधान होना भी बेहद जरूरी है। पाकिस्तान सेना का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि ये एक गलत धारणा है कि पाक सेना नहीं चाहती कि कश्मीर समस्या का हल निकले।

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