निठारी कांड मामले में नर पिशाचों को मिल ही गई फांसी

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गाजियाबाद। नोएडा के सबसे चर्चित निठारी कांड में युवती का अपहरण कर रेप किया गया। इसी संबंध में हुए मर्डर के मामले में सुरेंद्र कोली और मनिंदर सिंह पंधेर को फांसी की सजा सुनाई गई है। शनिवार को गाजियाबाद की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने 20 वर्षीय पिंकी सरकार के केस में दोनों आरोपियों को दोषी पाया।नोएडा, निठारी कांड, सुरेंद्र कोली, मनिंदर सिंह पंधेरसाल 2006 में निठारी कांड राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आया था। इसी कांड के अन्य मामले में पहले भी कोली को फांसी की सजा मिल चुकी है। और साथ ही पंधेर को कोर्ट ने हत्या और रेप की कोशिश समेत सबूत मिटाने और साजिश रचने का दोषी पाया। निठारी कांड का यह 8वां केस हैं।

20 जून, 2005 को आठ साल की एक बच्ची ज्योति नोएडा के निठारी इलाके से अचानक गायब हो गई थी। इसके बाद से इस इलाके में लगातार बच्चे गायब होने लगें। एक साल तक लगातार बच्‍चों के गायब होने का यह सिलसिला चलता रहा। मामला राष्ट्रीय स्तर पर आने के बाद पुलिस की अलग-अलग टीमों ने एनसीआर समेत देश के कई इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया।एक साल बाद 7 मई 2006 को जब 21 साल की लड़की पायल गायब हुई तो पुलिस को अहम सुराग उसके मोबाइल से मिला। पुलिस ने उस नंबर की कॉल डिटेल निकलवाई। इसके बाद जब उसमे से एक नंबर पर कॉल की गई तो उसका नाम मनिंदर सिंह पंधेर था। जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में पंधेर और उसके नौकर कोली को आरोपी बनाया।

इसके बाद पूरे निठारी मामले का खुलासा हुआ था। दरअसल पीड़िताओं का रेप करने के बाद उन्हें मारकर पंधेर के घर में दफन कर दिया जाता था। आपको बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में कोर्ट ने कोली को नंदा देवी मर्डर केस में किडनैपिंग, रेप और सबूत मिटाने का दोषी पाया था। इससे पहले भी पांच मामले में सीबीआई कोर्ट ने कोली को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई थी। हालांकि 2015 में इलाहबाद हाईकोर्ट ने एक मामले में उसकी फांसी की सजा को उम्र कैद में तब्दील कर दिया था।

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