…. और ये भिखारी तो करोड़पति निकला

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आधार ने एक भटके हुए को राह दिखने का काम किया है। यूपी के रायबरेली के रालपुर कस्बे में सड़क पर एक बूढा आदमी खाने के लिए भीख मांग रहा था। इस पर तरस खा कर लालगंज तहसील में रालपुर के अनंगपुरम स्कूल के स्वामी भास्कर स्वरूप जी महराज इसे अपने आश्रम में ले आए।
जब आश्रम कर्मियों ने भिखारी को नहला धुला कर उसके कपड़े बदले तो उसके पुराने कपड़े देख कर दंग रह गए। उसके कपड़ों से आधार कार्ड के साथ एक करोड़ छह लाख 92 हजार 731 रुपये की एफडी के कागजात बरामद हुए।
जब आधार कार्ड पर लिखे पते पर संपर्क साधा गया तो पता चला कि वह बुजुर्ग तमिलनाडु का करोड़पति व्यापारी है। स्वामी जी ने बुजुर्ग के आश्रम में होने की सूचना उसके घर वालों को दी। जिसके बाद उसकी बेटी रालपुर पहुंच कर अपने पिता को साथ ले गई।
व्यापारी के पास से एक छह इंच लंबी तिजोरी की चाबी भी मिली है। स्वामी जी ने जानकारी दी कि उसके पास से मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान मुथैया नादर पुत्र सोलोमन पता-240 बी नार्थ थेरू, तिरूनेलवेली तमिलनाडु, 627152 के रूप में हुई। डाक्यूमेंट्स पर उसके घर का फोन नंबर भी था। जब उस नम्बर पर कॉल किया गया तो उसके घरवालों ने बताया कि वे लोग मुथैया नादर को हर जगह ढूंढ रहे हैं।
पिता के आश्रम में होने की बात सुनकर बेटी गीता तमिलनाडु से फ्लाइट से लखनऊ पहुंची। और वहां से टैक्सी के जरिये आश्रम। अपने पिता ओ देख कर वो बहुत खुश हो गई और उन्हें सही सलामत अपने घर ले गई। साथ ही आश्रमवालों को शुक्रिया अदा किया।

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