मोदी से लेकर केजरीवाल, सब पर हुईं मायावती लाल

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न्यूज नेटवर्क 24 प्रतिनिधि
आप पार्टी के अरविन्द केजरीवाल नौटंकी कर रहे हैं। जैसे ही मंच से मायावती ने कहा कार्यकर्ता जोश से भर उठे और तालियों की गडग़ड़ाहट से रैली स्थल गूंज उठा। अपने जन्मदिन पर बुधवार को बीएसपी प्रमुख मायावती ने लखनऊ में सावधान रैली कर 2014 का चुनावी आगाज कर दिया। ठंड के बावजूद रैली में उमड़ी भारी भीड़ देख मायावती भी गदगद नजर आईं। इस दौरान मायावती ने कांग्रेस बीजेपी और सपा तीनों पर हमला बोला। मायावती ने नरेंद्र मोदी और अरविंद केजरीवाल को भी नहीं बख्शा।
मायावती ने कहा कि मैदान में लोग खचाखच भरे हुए हैं। अगर कुर्सियों वाली रैली करनी होती तो मैदान के बाहर भी कुर्सियां लगानी पड़ती। हमारी पार्टी के कुछ लोगों का कहना था कि जनवरी के महीने में ठंड बहुत पड़ती है। ये मैदान खुले में है और यहां ठंड होगीए जिससे यहां बैठना मुश्किल होगा। बीएसपी की रैली में 15.20 लाख लोग आते हैँ। कहीं और लाना मुश्किल होगा। छोटे मैदान बीजेपी या फिर कांग्रेस के लिए सही होंगेए हमारे लिए नहीं।
मायावती ने भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि सभी दल बीएसपी के खिलाफ एकजुट हैं। हमें कांग्रेस और बीजेपी की अंदरूनी साजिशों के बारे में समझना होगा। गरीबोंए दलितों और अल्पसंख्यकों के लिए 1984 में जब पार्टी का गठन किया गया था तब किसी ने संज्ञान नहीं लिया था। जब हमने अपनी पार्टी का खाता खोला थाए तब कांग्रेस और बीजेपी ने थोड़ा सा संज्ञान लिया।
कांग्रेस पार्टी बहुत ज्यादा दुखी थी क्योंकि उसे लगता था कि अगर बीएसपी मजबूत होती है तो कांग्रेस को नुकसान होगा। कांग्रेस पार्टी का बेस वोट खिसक कर बीएसपी में चला जाता है तो उनका भविष्य अंधकारमय है। कांग्रेस दुखी थी। जबकि बीजेपी खुश थी। बीएसपी जितना कांग्रेस का वोट काटेगीए उतना उनका फायदा होगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उसके बाद आगे चलकर जब हमने मिली.जुली सरकार बनाई। तब जाकर विरोधी पार्टियों ने भी संज्ञान लिया।
बीजेपी ने फंसाया. मायावती
माया ने कहा कि लगातार हमारी पार्टी के सामने विकट परिस्थितियां आईं। सभी विरोधी पार्टियों को ये लगने लगा था कि ये पार्टी निपट जाएगी। बीजेपी पर हमला बोलते हुए माया ने कहा कि छक्। की सरकार ने सीबीआई का दुरुपयोग करके ताज मामले में मेरे ऊपर गलत केस बनाकर मुझे कई साल परेशान किया। तभी मैंने तय किया था कि अगर मुझे जि़ंदगी भर भी जेल भेज देए तो भी मैं अपनी पार्टी का आंदोलन सांप्रदायिक ताकतों के हाथ नहीं सौंपूंगी। मैंने कभी भी बीजेपी के साथ समझौता नहीं किया।
सपा सरकार पर हमला
सपा सरकार पर हमला बोलते हुए मायावती ने कहा कि यूपी अब क्राइम प्रदेश बन चुका है। हर लेवल पर भ्रष्टाचार फैला हुआ है। आए दिन सांप्रादायिक दंगों से प्रदेश त्रस्त है। दंगों से मुजफ्फरनगर और शामली के लोग अभी उबरे नहीं है। यहां केंद्र सरकार को राष्ट्रपति शासन लगाना चाहिए। कांग्रेस औऱ सपा के लोगों की अनाप शनाप बयानबाजी से पीडि़तो के जख्मों पर नमक छिडक़ा गया। इन सरकार के अधिकारियों पर सपा के गुंडे हावी है। इन पर सपा का कोई जोर नहीं चलता है।
वर्तमान सपा सरकार ने सोची समझी साजिश के तहत की यूनिवर्सिटी औऱ जिलों के नाम बदल दिया। संतों के नाम हटाकर कुछ मुसलमानों के नाम पर कर दिया। इससे नफरत पैदा की। यादव भाइयों के प्रति रवैया कष्टदायक रहा है। नौकरियों के लिए जो काम किया जा रहा थाए उसे रोक दिया गया। नियम बदले गए। युवाओं के आंदोलन पर लाठीचार्ज किया है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश को भी मानने से इनकार कर दिया गया।
निशाने पर केंद्र सरकार
केंद्र सरकार को निशाना बनाते हुए माया ने कहा कि विदेश नीति में ढुलमुल रवैये से हमारे लोगों को मुश्किल हो रही है। गलत आर्थिक नीतियों के चलते कट्टरपंथियों और सांप्रादायिक ताकत मजबूत हो रही हैं। हमारे कार्यकाल में एक भी सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ था। ये हमारी सरकार का सबसे बड़ा काम था। अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हमने दंगा नहीं होने दिया। अपराधियों को हमने सलाखों के पीछे भेजा। अगर बीएसपी के एमपीए एमएलए ने गलत काम किया है तो हमने उसे भी जेल भेजा है।
मोदी पर भी निशाना
बीजेपी के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के वादों पर मायावती ने कहा कि जो गरजते हैं वो बरसते नहीं। माया ने कहा कि बीजेपी के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी जनता से झूठे लुभावने वादे कर रहे हैं। जनता इन वादों में नहीं आएगी। मोदी ने ही गुजरात में लोकायुक्त नहीं बनने दिया।
केजरीवाल पर Mayawati_377 बरसीं
आम आदमी पार्टी के मुद्दे पर मायावती ने कहा कि ये पार्टी नाटकबाजी कर रही है। दिखावा करके ज्यादा दिन काम नहीं चलेगा। दिल्ली में केजरीवाल जी की जो सरकार चल रही हैए उसमें दलितों को आम आदमी की संज्ञा देकर उनकी उपेक्षा कर रहे हैं। केजरीवाल जहां के रहने वाले हैं वहां के दलितों को मजबूर होकर दूसरे जगह शरण लेनी पड़ती है। चाहे आम आदमी की पार्टी होए चाहे कोई भी होए दलित वर्ग के किसी आदमी को अपनी सरकार में शामिल कर राजनैतिक रोटियां तो सेंकी जा सकती हैए लेकिन ऐसी सरकार ज्यादा दिन तक नहीं चल सकती। एक दिन का जनता दरबार औऱ फिर मेल के जरिए शिकायत सुनने से निवारण नहीं हो सकता है। सरकारी मशीनरी की व्यवस्था ठीक करनी होगी।
मायावती ने कहा कि प्रदेश में विकास कार्य पूरी तरह ठप हैं। कुछ लोगों को लैपटाप और छात्रवृत्ति या बेरोजगारी भत्ता बांटने से समाज का कल्याण सम्भव नहीं है।

बकौल मायावतीए युवाओं के सामने बेरोजगारी की विकट समस्या है जो वर्तमान सरकार में विकराल रूप लेती जा रही हैं। अपनी नाकामियों को छुपाने के लिये सपा सरकार के पास बसपा को कोसने का आलाप है लेकिन अब उसका भी कोई फायदा नहीं हो रहा है।

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