एनडी तिवारी की याचिका पर रोहित शेखर को नोटिस

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N D tiwari
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पितृत्व विवाद में फंसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने रोहित शेखर को नोटिस जारी किया है. एनडी तिवारी की मांग है कि डीएनए रिपोर्ट को साक्ष्य के तौर पर न स्वीकार किया जाए.

तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट से 24 मई का आदेश स्पष्ट करने की मांग की है. जिसमें कोर्ट ने डीएनए जांच के लिए खून का नमूना लेने में गोपनीयता बरतने की बात कही थी. हालांकि इस बीच दिल्ली हाई कोर्ट में तिवारी की डीएनए रिपोर्ट पहुंच भी गई और रिपोर्ट कोर्ट में खोली भी गई. रिपोर्ट के मुताबिक तिवारी रोहित के जैविक पिता हैं.
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में तिवारी की याचिका पर हुई सुनवाई में उनके वकील ने कहा कि डीएनए रिपोर्ट साक्ष्य के तौर पर नहीं स्वीकार की जा सकती है. जबकि दूसरी तरफ रोहित शेखर के वकीलों की दलील थी कि तिवारी की याचिका महत्वहीन हो चुकी है, क्योंकि याचिका में डीएनए रिपोर्ट सार्वजनिक करने पर रोक लगाने की मांग की गई है. हाई कोर्ट में रिपोर्ट खोली जा चुकी है. न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार व न्यायमूर्ति सुधांशु ज्योति मुखोपाध्याय की पीठ ने तिवारी की याचिका पर रोहित को जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया. पीठ ने कहा कि तिवारी की एक अन्य याचिका दूसरी पीठ के समक्ष विचाराधीन है इसलिए दो सप्ताह बाद यह याचिका भी उसी पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए लगाई जाएगी. इस बीच रोहित शेखर को तिवारी की याचिका का जवाब दाखिल करना होगा.
तिवारी ने अपनी याचिका में कहा है कि 24 मई के आदेश में कोर्ट ने डीएनए टेस्ट में गोपनीयता बरतने की बात कही थी. हाई कोर्ट ने उनकी इन- कैमरा सुनवाई करने और रिपोर्ट गोपनीय रखने की मांग ठुकरा दी थी. हाई कोर्ट के इस आदेश से उन्हें संविधान में प्राप्त प्रतिष्ठा के साथ जीवन जीने के अधिकार का हनन होता है. उनका यह भी कहना है कि जब अभी यही तय नहीं हुआ है कि हाई कोर्ट को डीएनए जांच का आदेश देने का अधिकार है या नहीं, तो फिर रिपोर्ट सार्वजनिक कैसे की जा सकती है. डीएनए जांच के हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ अभी उनकी विशेष अनुमति याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है.
रोहित शेखर नामक युवक ने मुकदमा दाखिल कर तिवारी को उसका जैविक पिता घोषित किए जाने की मांग की हुई है. तिवारी की डीएनए जांच इसी सिलसिले में हुई थी.

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