जनता रही कंगाल, नेता होते रहे मालामाल

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कालेधन पर जनता से बलिदान मांगने वाले प्रधानमंत्री मोदीजी के 639 सांसद व 2, 721 विधायक हैं करोड़पति
नयी दिल्ली। 32 रुपये वाले को अमर बताने वाले मंत्रियों सांसदों विधायकों का करोडों अरबों रुपयों की दौलत से पेट नहीं भरता। राष्‍ट्रपति चुनाव से पहले हुआ खुलासा चौंकाता तो नहीं पर कालेधन के नाम पर ठगी गई जनता को चिढाता जरूर है। वह यह कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल के अधिकतर सदस्य करोड़पति हैं. एक रिपोर्ट में कहा गया है कि राष्ट्रपति चुनाव में इस बार वोट डालने जा रहे निर्वाचक मंडल के सदस्यों में से अधिकतर करोड़पति हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कुल वोट का 75 फीसदी वोट इन करोड़पति सदस्यों का है।
445 लोकसभा सदस्य, 194 राज्यसभा सदस्य और 2,721 विधायक हैं करोडपति
थिंक टैंक एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि संसद और विधानसभाओं के 3,460 सदस्यों ने अपने अपनी संपत्ति एक करोड़ रुपये से अधिक घोषित की है. वोट की संख्या के आधार पर देखें, तो इन सदस्यों के कुल वोट 8,18,703 बनते हैं. राष्ट्रपति चुनाव में कुल वोटों की संख्या 10,91,472 है. सदस्यों के हलफनामे के विश्लेषण के आधार पर जिन सदस्यों को करोड़पति पाया गया, उनमें 445 लोकसभा सदस्य, 194 राज्यसभा सदस्य और 2,721 विधायक शामिल हैं
वित्त मंत्री अरुण जेटली के पास सबसे अधिक नकदी
गौरतलब है कि 31 मार्च, 2016 तक के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, देश के सैकड़ों ऐसे नेता और जनप्रतिनिधि है, जिनके पास करोड़ों की संपत्ति है और उन्होंने चुनाव लड़ने के समय दाखिल हलफनामे में अपने बैंक खातों में जमा राशि और अन्य चल-अचल संपत्ति शामिल नहीं है. केंद्रीय मंत्रियों मे वित्त मंत्री अरुण जेटली के पास सबसे अधिक 65 लाख रुपये की नकदी मौजूद है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास सबसे कम मात्र 89 हजार रुपये ही नकदी के रूप में मौजूद हैं.
आम तौर पर आचार संहिता का पालन करते हुए मंत्रियों को हर साल प्रधानमंत्री कार्यालय को अपनी संपत्ति का ब्योरा जमा कराना पड़ता है। अंग्रेजी के अखबार द हिंदू और कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव की और से संयुक्त रूप से एकत्रित आंकड़ों के अनुसार, देश के 76 केंद्रीय मंत्रियों से 40 केंद्रीय मंत्री ऐसे हैं, जिन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से मांगे गये संपत्ति के ब्योरे में अपनी चल-अचल संपत्ति का आंकड़ा उपलब्ध नहीं कराया है।
वीआईपी मंत्रियों ने नहीं दिया ब्‍योरा
आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय मंत्रियों में से 23 मंत्रियों ने अपने पास मात्र 2 लाख रुपये नकद होने की घोषणा की है, जबकि 15 मंत्रियों के पास 2.5 लाख रुपये ही नकदी के रूप में है. मजे की बात यह भी है कि अतिविशिष्ट मंत्रियों में शामिल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर और जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने अभी तक प्रधानमंत्री कार्यालय में अपनी संपत्ति का ब्योरा ही नहीं दिया है।

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