आज है साल पहला सूर्य ग्रहण, गर्भवत‍ी महिलाएं रखें खास ख्याल

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आज आमवस्या के दिन साल का पहला सूर्य ग्रहण लग रहा है। शाम के 5:40 बजे यह सूर्य ग्रहण शुरू होगा और रात के 10:01 मिनट तक रहेगा। यह भारत में आंशिक रूप से दिखाई देगा। जबकि दक्षिण अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका, प्रशांत, अटलांटिक, और हिंद महासागर में इसे पूर्ण रूप में देखा जा सकेगा।

भारत में कब तक दिखेगा ग्रहण
रविवार को 5 बजकर 40 मिनट से शुरू होने वाले सूर्य ग्रहण को भारत में आशिंक रूप से पहली बार शाम 6 बजकर 45 मिनट पर ही देखा जा सकेगा। सूर्य ग्रहण रात के 8 बजकर 28 मिनट पर अपनी अधिकतम अवस्था में होगा, लेकिन भारत में इस समय रात हो चुकी होती है इसलिय यह यहां दिखाई नहीं देगा। सूरज की ऐसी खगोलीय स्थिति मात्र 1 मिनट 22 सेकेंड ही रहेगी। रात 10 बजकर 01 मिनट पर सूर्य ग्रहण पूरी तरह से खत्‍म हो जाएगा।

ग्रहण के समय में क्या करें
* बता दें सूर्यग्रहण एक खगोलीय घटना है, और ये घटना तभी होती है जब चन्द्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच से गुजरता है।
* शास्त्र में कुछ ऐसे काम बताए गए है जो ग्रहण के समय नहीं करना चाहिए। अगर आपने ये काम किएं तो आपको कई परेशानियों से गुजरना पड़ सकता है। जानिए, ग्रहण के समय कौन से कार्य नहीं करने चाहिए। जिससे हम कई परेशानियों से बच सकते हैं।
* ग्रहण के समय शरीर पर तेल से मालिश न करें। माना जाता है कि सूर्य ग्रहण के समय तेल से मालिश करने से त्वचा संबंधी रोग होते हैं।
* ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है। ग्रहण के समय उन्हें घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। उन्हें भगवान का नाम जपना चाहिए जिससे गर्भ में पल रहे शिशु पर कोई बुरा प्रभाव न पड़े।
* जब ग्रहण लगा हो उस समय किसी भगवान की प्रतिमा को नहीं छूना चाहिए. इसके साथ ही सोना, भोजन बनाना और खाना आदि कार्य नहीं करने चाहिए।
* पति-पत्नी को ग्रहण के समय कामक्रीड़ा से दूर रहना चाहिए। शास्त्रों में माना जाता है कि इस समय गर्भधारण करने से पैदा हुआ बच्चा बुराईयों से लिप्त होता है।
* जब ग्रहण लगता है तो उससे पहले भोजन कर लें। उसके बाद दूध, दही और खाने की चीजों में दूर्वा या तुलसी के पत्ते डाल दें। ऐसा करने से खाने की वस्तुओं में ग्रहण का असर नहीं पड़ता। ग्रहण खत्म हो जाने के बाद घर की साफ-सफाई करें और स्वयं भी स्नान करें। उसके बाद जरुरतमंदों को दान देना चाहिए।
* ग्रहण के समय भजन-कीर्तन, गुरु मंत्र का जाप, पूजा-पाठ आदि करना चाहिए। इस बात का ध्यान रखें कि प्रतिमा पूजन न करें।

क्या है वैज्ञानिक मान्यता
सूर्य ग्रहण के दौरान पृथ्वी के उत्तरी एवं दक्षिणी ध्रुव प्रभावित होते हैं। इसलिए यह अवधि ऋणात्मक मानी जाती है। सूर्य से अल्ट्रावॉयलेट किरणें निकलती हैं, जो एंजाइम सिस्टम को प्रभावित करती हैं, इसलिए सूर्यग्रहण के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है।

इस साल चार ग्रहण
बता दें कि इस साल आसमान में हमें ऐसे ही चार ग्रहण देखने को मिलेंगे। साल का पहला आंशिक सूर्य ग्रहण हिन्दुस्तान में 26 फरवरी 2017 को यानी कि आज देखने को मिलेगा। जबकि साल 2017 का पहला चन्द्र ग्रहण 11 फरवरी 2017 को ही हो चुका है। इस साल दूसरा आंशिक चन्द्र ग्रहण अगस्त 7 को होगा, जबकि दूसरे सूर्य ग्रहण का खगोलीय योग 21 अगस्त 2017 को है। 26 फरवरी को होने वाला सूर्य ग्रहण आंशिक है, इसलिए ये ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा।

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