रायसीना हिल्स के लिए दौड़ शरू

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प्रणब मुखर्जी व संगमा ने पर्चे, भरे संगमा पहले आदिवासी उम्मीदवार

Raisina Hill rashtarpati bhawan india
Rashtarpati Bhawan – Raisina Hill – India

हालांकि दादा की राह में अब कोई रोड़ा नहीं है लेकिन प्रक्रिया के तहत दादा के सामने अब संगमा होंगे और उन्हें भाजपा की ओर से चुनौती पेश करेंगे। राष्ट्रपति पद के 19 जुलाई को होने वाले चुनाव के लिए गुरूवार को यूपीए के उम्मीदवार और वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रणव मुखर्जी ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। 77 वर्षीय प्रणव मुखर्जी ने सुबह 11 बजे संसद के केन्द्रीय कक्ष में चुनाव अधिकारी और राज्यसभा महासचिव वीके अग्निहोत्री के सामने अपने नामांकन पत्र दायर किये। इस अवसर पर कई प्रमुख नेता मौजूद थे|

इनमें यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री डाक्टर मनमोहन सिंह, संसदीय मामलों के मंत्री पवन कुमार बंसल, गृहमंत्री पी चिदम्बरम, अक्षय उर्जा मंत्री और नेशनल कांफ्रेस के नेता डाक्टर फारूक अब्दुल्ला, समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव, लोक जनशक्ति पार्टी नेता रामविलास पासवान, राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी शामिल हैं। मुखर्जी के नामांकन पत्रों के चार सैट दायर किये गए जिनमें चार सौ अस्सी सांसदों और विधायकों कें हस्ताक्षर थे। इनमें केन्द्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री, कांग्रेस विधायक दल नेता और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शामिल हैं। विपक्षी एनडीए के संयोजक और जनता दल यूनाईटेड के अध्यक्ष शरद यादव के हस्ताक्षर नामांकन पत्रों के एक सैट पर सबसे पहले हैं। इसके बाद रक्षामंत्री एके एंटनी के हस्ताक्षर हैं। मुलायम सिंह यादव और मायावती ने भी नामांकन पत्रो ंपर हस्ताक्षर किये हैं|

नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद मुखर्जी ने उन सभी दलों के नेताओं को धन्यवाद दिया जिन्होंने देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद के लिए उनकी उम्मीदवारी का समर्थन किया है। संवाददाताओं से बातचीत में मुखर्जी ने कहा कि समाजवादी पाटी, बहुजन समाज पार्टी, जनता दल यूनाईटेड, माक्र्सवदी कम्युनिस्ट पार्टी और शिवसेना जैसे दलों ने देश के 14वें राष्ट्रपति पद के लिए उनकी उम्मीदवारी को समर्थन दिया है। मुखर्जी ने आशा व्यक्त की कि उन्हें भगवान का आशीर्वाद और सभी का सहयोग मिलेगा।

प्रणब चेन्नई से करेंगे प्रचार का आगाज…

प्रणव मुखर्जी तीस जून को तमिलनाडु से अपना चुनाव प्रचार शुरू करेंगे। संसदीय मामलों के मंत्री पवन कुमार बंसल ने यह जानकारी दी। वे मुखर्जी द्वारा नामांकन पत्र दाखिल किये जाने के बाद संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। बंसल ने बताया कि नामांकन पत्र पेश करने के अवसर पर महाराष्ट्र, हरियाणा, आन्ध्रप्रदेश, राजस्थान और दिल्ली सहित आठ राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद थे। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों के छह निर्दलीय सदस्य भी मुखर्जी की उम्मीदवारी का समर्थन कर रहे हैं। एक प्रश्न के उत्तर में बंसल ने कहा कि श्री मुखर्जी ने तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बैनजी से भी उनकी उम्मीदवारी का समर्थन करने की अपील की है। बंसल ने आशा व्यक्त की कि यूपीए उम्मीदवार जोरदार> बहुमत के साथ राष्ट्रपति चुनाव जीतेंगे|

राष्ट्रपति पद के लिए भाजपा समर्थित उम्मीदवार पी ए संगमा ने भी आज अपने नामांकन पत्र भरे। इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज, राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरूण जेटली, भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी मौजूद थे। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल भी संगमा के साथ थे। इससे पहले संगमा ने कहा कि एक जनजातीय नेता देश के शीर्ष संवैधानिक पद के लिए अपने परचे दाखिल कर रहा है और यह देश की जनजाति समुदाय की विजय है|

छत्तीसगढ के कांग्रेसी नेता अरविंद नेताम भी संगमा के साथ दिखाई दिए लेकिन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी और तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयलिलता मौजूद नहीं थी। कांग्रेस ने संगमा का साथ देने पर नेताम के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है। नेताम पहले ही कह चुके थे कि आदिवासी उम्मीदवार के रूप में वह संगमा का समर्थन करेंगे। बताया जा रहा है कि जयललिता ने संगमा को समर्थन देने को लेकर अपनी राय बदल दी है। उन्होंने इस संबंध में भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी को फोन कर सूचित कर दिया है|

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने राष्ट्रपति पद के चुनाव में यूपीए उम्मीदवार प्रणव मुखर्जी और भाजपा समर्थित उम्मीदवार पीए संगमा दोनों का ही समर्थन न करने का फैसला किया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता डी राजा ने कहा कि उनकी पार्टी ने देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति को देखते हुए इन दोनों में से किसी को भी समर्थन न देने का फैसला किया है|

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