9 साल का इंतजार और अंजू ने रच दिया इतिहास

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anju-bobbyन्यूजनेटवर्क 24 प्रतिनिधि

नौ साल पहले जब वह डोपिंग में फंसी थी तब उसकी आंखों मं आंसू थे और जब उसे इंसाफ मिला तो वह खुशी के आंसू को नहीं रोक पाई। अंजू बॉबी जॉर्ज ने 2005 के मोनाक वल्र्ड एथलेटिक्स के फाइनल में सिल्वर मेडल जीता थाए लेकिन अब वो बन गई हैं भारत की ओर से वल्र्ड एथलेटिक्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला एथलीटण् उनके सिल्वर मेडल को गोल्ड मेडल में प्रमोट कर दिया गया है। अंजू 2005 में मोनाको वल्र्ड एथलेटिक्स फाइनल में दूसरे स्थान पर रही थीं लेकिन इंटरनेशनल एथलेटिक्स महासंघ ;आईएएएफ ने रूस की तातयाना कोतोवा के डोपिंग में पकड़े जाने के कारण अब अंजू को गोल्ड मेडल दे दिया है। अंजू ने कहाए मुझे एएफआई ;भारतीय एथलेटिक्स महासंघद्ध ने बताया कि मोनाको वल्र्ड एथलेटिक्स फाइनल्स के लिए मुझे गोल्ड मेडल मिलेगाण् मैं वास्तव में खुश हूं और इंतजार का फल मीठा होता है यह साबित हो गया उन्होंने कहा रूस की लंबी कूद की चोटी की महिला एथलीटों को लेकर मुझे हमेशा संदेह रहा और मैं जानती थी कि वे डोप में फंस सकती हैं।

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