सर्वे खिला रहे कमल, हाथ को नहीं मिल रहा साथ

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न्यूजनेटवर्क 24 समाचार
केजरीवाल के मुकाबले किरण बेदी को उतारती भाजपा तो दिल् ली की राह और आसान होती। पांच राज्यों में से चार राज्यों में सर्वे भाजपा को बढ़त दिखा रहे हैं। कई रणनीतिकार मानते हैं कि यह लोकसभा चुनाव का सेमीफाइनल है। लेकिन हकीकत ठीक उससे उलट है। राजस्थान में सरकार हर बार बदल जाती है। जहां पहले कांग्रेस की थी इस बार भाजपा की बनेगी इसमें कोई शक नहीं। दिल्ली में शीला सरकार को खतरा जरूर है लेकिन जीत उतनी आसान भी नहीं। आप ने आकर भाजपा की राह रोकने की कोशिश की है। क्योंकि कांग्रेस के खिलाफ आप ने भाजपा के वोटबैंक में सेंधमारी की है और किरणबेदी को मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट करने का वादा वाली भाजपा ऐन चुनाव के मौके पर मुकर गई जिसका लाभ भी केजरीवाल को मिलेगा इसमें कोई शक नहीं। पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के बाद एग्जिट पोल के नतीजों में भाजपा कांग्रेस के ऊपर बढ़त बनाती नजर आ रही है। अलग.अलग एजेंसियों के बुधवार शाम को आए एग्जिट पोल चार राज्यों में भाजपा को सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरती हुई दिखा रहे हैं।
वहीं पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन का आकलन कर रही कांग्रेस को लोकसभा चुनावों के पहले यूपीए में एकजुटता की चिंता सताने लगी है। मतदाताओं के मूड से आशंकित पार्टी मान रही है कि इन चुनावों में बुरी हार यूपीए के बचे हुए घटक दलों को पुनर्विचार के लिए मजबूर कर सकती है। मतदान के बाद विभिन्न एजेंसियों की रायशुमारी और राज्यों से मिल रहे फीडबैक ने कांग्रेस नेतृत्व को निराश किया है। पार्टी के एक रणनीतिकार ने हालांकि कहा कि छत्तीसगढ़ में उन्हें उम्मीद है। लेकिन यदि परिणाम वैसे ही रहते हैं जैसे पोल बता रहे हैं, तो चिंता होना स्वाभाविक है। उस स्थिति में केंद्र सरकार के बचे हुए कार्यकाल का और डांवाडोल होना तय है। कांग्रेस यदि सभी जगह हार दर्ज कराती हैए तो यह कहना मुश्किल है कि कृषि मंत्री शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी या अजित सिंह के राष्ट्रीय लोकदल का क्या रुख होगा।
पांच राज्यों में से चार राज्यों के एग्जिट पोल नतीजों में मिल रही बढ़त से भाजपा नेताओं के चेहरे खिल गए हैं। पार्टी को उम्मीद है कि रविवार को आने वाले चुनाव परिणाम इन्हीं अनुमानों के आसपास ही रहेंगे। पार्टी नेता फिलहाल संयम बरत रहे हैं और नतीजों को जीत से जोडऩे से बच रहे हैं। चुनाव अभियान व भारी मतदान से अलग.अलग राज्यों की स्थितियों से आशंकित भाजपा को एग्जिट पोल नतीजों ने राहत दी है। खासकर छत्तीसगढ़ व दिल्ली को लेकरए जहां वह कांटे के मुकाबले में फंसी हुई थी। पार्टी के राज्यसभा में उप नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा है अभी असली परिणाम आने वाले हैंए लेकिन एग्जिट पोल के अनुमान भाजपा के प्रति लोगों का विश्वास जताते हैं। देश में महंगाई व भ्रष्टाचार के खिलाफ लोगों की नाराजगी इससे जाहिर होती है। भाजपा शुरू से ही चारों राज्यों में सरकार बनाने को लेकर आश्वस्त है।

पुराने अनुभवों को देखते हुए भाजपा इन अनुमानों को लेकर बहुत ज्यादा उत्साह दिखाने से बच रही है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि एग्जिट अनुमान और असली नतीजों में बहुत फर्क होता है। इसलिए इनको ही सच मान लेना सही नहीं है। हालांकि असल नजीते इनसे भी बेहतर हो सकते हैं। governmentमध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भाजपा के हैट्रिक लगाने को हैए तो राजस्थान में कांग्रेस के हाथ से सत्ता जाने की बात की जा रही है। मिजोरम में कांग्रेस को तगड़ा झटका लगने के संकेत हैं। वहीं दिल्ली में भाजपाए कांग्रेस के साथ आम आदमी की पार्टी को तीसरी ताकत के तौर उभरता हुआ दिखाया गया है।
दिल्ली

सीवोटर टाइम्स नाऊ
भाजपा . 31
कांग्रेस . 24
आप. 11
अन्य . 4
एबीपी ध्निल्सन
भाजपा . 32
कांग्रेस . 18
आप. 18
अन्य . 2
ओरजी इंडिया टुडे
भाजपा . 41
कांग्रेस . 21
आप. 6
अन्य . 3
राजस्थान
भाजपा 110.147
2008 में 78
कांग्रेसरू 39.62
2008 में 96
मध्य प्रदेश
भाजपा 128.161
2008 मेंरू 143
कांग्रेसरू 62.92
2008 में 71
छत्तीसगढ़
भाजपा 44.55
2008 में 50
कांग्रेसर 32.41
2008 में 38
मिजोरम
कांग्रेस 19
2008 में 32
एमएनएफ.एमपीसी 14
2008 में 06
;नोट राजस्थानए मध्य प्रदेश छतीसगढ़ और मिजोरम में सीटों के आंकड़े सी.वोटरए इंडिया टुडे.ओआरजी मार्गए सीएनएन.आईबीएन और टुडेज चाणक्या के सर्वे पर आधारित हैं।द्

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