ली के तूफान पर ब्रेक

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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेकिन आईपीएल में खेलते रहेंगे.

Brett Lee Retirement
Brett Lee

सिडनी। रफ्तार के सौदागर ऑस्ट्रेलिया के ब्रेट ली ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की आज घोषणा कर दी लेकिन वह पैसों से भरपूर आईपीएल और घरेलू बिग बैश टूर्नामेंट में खेलते रहेंगे। ली ने फरवरी 2010 में ही टेस्ट को अलविदा कह दिया था लेकिन अब उन्होंने सीमित फॉर्मेट से भी संन्यास ले लिया है। 35 वर्षीय ली की श्रीलंका में सिम्तबर में होने वाले ट्वेंटी-20 विश्वकप के पास संन्यास की योजना थी लेकिन इंग्लैंड दौरे पर हाल में चोट लगने के कारण उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला कर लिया। ली को इंग्लैंड के खिलाफ डरहम में खेले गए चौथे वन-डे के दौरान पिंडली में खिंचाव आ गया था और उन्हें आगे की जांच तथा इलाज के लिए जबर्दस्ती स्वदेश भेज दिया गया था। अपने करियर के चरम दौर में दुनिया के सबसे तेज और आक्रामक गेंदबाज माने जाने वाले ली ने सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में आयोजित प्रेस कांफे्रंस से पहले अपने ट्विटर पेज पर संन्यास की घोषणा करते हुए लिखा कि मैंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। मैं प्यार और सपोर्ट के लिए अपने समर्थकों का शुक्रिया अदा करता हूं। मेरे लिए 13 साल का सफर शानदार रहा।

ली ने बाद मंे प्रेस कांफे्रंस में कहा कि पिछली दो-तीन रात मैंने इस बारे में गम्भीरता से सोचा और आज सुबह जब मैं उठा तो मुझे लगा कि मेरे लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने का यही सबसे उचित समय है। मुझे लग रहा है जैसे मेरे कंधों से कोई बहुत बड़ा बोझ उतर गया है। मैं पिछले दो दिनों से खुद को सहज महसूस नहीं कर रहा थ। ये दिन मेरे लिए बहुत कठिन थे। ली के श्रीलंका में होने वाले ट्वेंटी-20 विश्वकप के लिए उपलब्ध रहने की उम्मीद की जा रही थी। तेज गेंदबाज ने कहा कि उन्होंने इस बारे में चयनकर्ताओं से चर्चा की थी और उनकी ट्वेंटी-20 विश्वकप के बाद संन्यास लेने की योजना थी लेकिन इंग्लैंड दौरे पर लगी चोट ने उन्हें अपनी योजना को बदलने पर मजबूर कर दिया|

ली ने कहा कि मेरी विश्वकप के बाद ही संन्यास लेने की योजना थी लेकिन आज सुबह मुझे एहसास हुआ कि मेरे लिए क्रिकेट को अलविदा कहने का यही सबसे उपयुक्त समय है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के लिए आपको शारीरिक और मानसिक रूप से शत प्रतिशत फिट होने की जरूरत होती है। लेकिन मुझे नहीं लगता है कि ऐसी स्थिति में मैं अपने या टीम के साथ न्याय कर पाऊंगा। उन्होंने कहा कि अब मुझ में दो महीने आगे की बात सोचने की इच्छा शक्ति नहीं रह गई है। ऐसा नहीं है कि खेल के प्रति मेरा समर्पण नहीं है लेकिन आपके जीवन में कभी न कभी ऐसा दौर आता है जब आपको लगता है कि बस अब बहुत हो गया और अब इसका पटाक्षेप होना चाहिए। ली ने अपना आखिरी टेस्ट २००८ में खेला था और उन्होंने 2010 में टेस्ट से संन्यास लेने की घोषणा की थी। हालांकि वह ऑस्ट्रेलिया के लिए सीमित ओवेरों के मैच और भारत में आईपीएल खेल रहे थे। अपने करियर के चरम दौर में ली को दुनिया का सबसे तेज और आक्रामक गेंदबाज माना जाता था लेकिन चोटों के कारण उनका करियर निरंतर प्रभावित रहा। ली ने टेस्ट में 30.81 के औसत से 310 विकेट लिए हैं। सर्वाधिक टेस्ट विकेट लेने के मामले में वह शेन वार्न(708), ग्लैन मैकग्रा (563) और डेनिस लिली (355) के बाद चौथे सबसे सफल ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज हैं। वन-डे में उनके नाम 23.86 के औसत से 380 विकेट हैं। वन-डे में वह ग्लैन मैकग्रा के ऑस्ट्रेलियाई रिकॉर्ड से एक विकेट पीछे हैं। इस दिग्गज गेंदबाज के नाम पाकिस्तान के शोएब अख्तर के बाद दूसरी सबसे तेज गेंद फेंकने का रिकॉर्ड है। अख्तर ने 2005 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 2005 में 160.8 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद डाली थी जबकि ली को लगातार 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करने के कारण कई बार चोटों से दोचार होना पड़ा और फिर अपने गेंदबाजी एक्शन में भी बदलाव करना पड़ा।  ली को वर्ष २००८ में टेस्ट प्लेयर ऑफ द ईयर  के खिताब से नवाजा गया था लेकिन इसके बाद शादी टूटने और खराब फॉर्म के बाद टीम में वापसी करने में काफी समय लगा था। उनका अंतरराष्ट्रीय करियर तो अब खत्म हो चुका है लेकिन वह आईपीएल और बिग बैश में खेलते रहेंगे। वह आईपीएल-पांच में कोलकाता नाइटराइडर्स की तरफ से खेले थे। ली ने 1999 में भारत के खिलाफ बाक्सिंग डे टेस्ट से अपने करियर की शुरुआत की थी और उनके नाम खेल के तीनों प्रारूपों में 718 विकेट हैं|

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