भारत-पाक क्रिकेट जंग, कांग्रेस भी दंग

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बीसीसीआई के फैसले से भाजपा शिवसेना के साथ ही कांग्रेस ने उठाए सवाल

गावस्कर पहले ही कह चुके हैं कि जल्दबाजी में लिया गया है फैसला

बीसीसीआई ने भारत और पाकिस्तान के बीच पांच साल बाद क्रिकेट सीरीज कराने का फैसला क्या किया, बवाल मच गया. बीसीसीआई के इस फैसले से सियासी भूचाल आ गया है.
बीजेपी, शिवसेना ने तो सवाल उठाए ही हैं, कांग्रेस ने भी बीसीसीआई को कटघरे में खड़ा कर दिया है.
भारत-पाकिस्तान की क्रिकेट टीमों के बीच भारतीय जमीन पर होने वाली है टक्कर. पांच साल के लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर से पाकिस्तान की टीम द्विपक्षीय सीरीज खेलने के लिए भारत के दौरे पर आएगी.
इससे दोनों देशों के क्रिकेट फैंस तो खुश हैं लेकिन भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट की बहाली राजनीतिक खेमों को रास नहीं आई. सिर्फ बीजेपी या शिवसेना ही नहीं इस बार कांग्रेस ने भी भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट खेले जाने के बीसीसीआई के फैसले पर सवाल उठाए हैं.
महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष माणिक राव ठाकरे ने पूछा है कि देश की भावना के खिलाफ जाकर आखिर बीसीसीआई इस तरह का फैसला कैसे ले सकती है. वहीं बीजेपी का भी कहना है कि पाकिस्तान पहले मुंबई हमले के आरोपी हाफिज सईद को भारत के हवाले करे इसके बाद ही दोनों देशों के बीच क्रिकेट की बात होनी चाहिए.
दोनों देशों में आखिरी मैच दिसंबर 2007 में हुआ और मुंबई हमले के बाद से मैच बंद हो गए. शिवसेना ने तो मुंबई हमले में पाकिस्तान की भूमिका और कसाब का मुद्दा उठाकर बीसीसीआई के इस फैसले को पाप करार दिया है.
एक तरफ क्रिकेट प्रेमियों का जुनून और दूसरी तरफ दोनों मुल्कों के सियासी रिश्ते. दरअसल, भारत में आतंकवाद को शह को लेकर पाकिस्तान इतना बदनाम हो चुका है कि भारत से उसके क्रिकेट के रिश्ते आसान नहीं रह गए हैं.
यही वजह है कि ऐसे हर मौके पर माहौल अचानक गर्मा जाता है और खेल से पहले राजनीतिक हलचलें शुरू हो जाती हैं. इस बार भी बीसीसीआई के फैसले पर देश भर में सवाल उठाए जा रहे हैं.

होगी टक्कर!
भारत-पाकिस्तान की क्रिकेट टीमों के बीच भारतीय जमीन पर होने वाली है टक्कर. बीसीसीआई ने पाकिस्तान की क्रिकेट टीम को दिसंबर के आखिर में सीरीज के लिए भारत बुलाने का फैसला किया है. जिसमें तीन वनडे और दो टी-20 मैच होंगे.
पांच साल के लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर से पाकिस्तान की टीम द्विपक्षीय सीरीज खेलने के लिए भारत के दौरे पर आएगी. सरकार की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद बीसीसीआई ने पाकिस्तानी टीम को भारत दौरे पर आने का निमंत्रण भेजा है. दिल्ली में बीसीसीआई की वर्किंग कमेटी की मीटिंग के बाद बोर्ड ने ये फैसला किया है.
भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाली सीरीज की तारीखों का अभी एलान नहीं हुआ है लेकिन ये तय हो गया है कि मैच कहां होंगे.
पाकिस्तान के भारत दौरे में तीन वनडे और दो टी-20 मैच खेले जाएंगे. तीन वनडे मैच दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई में होंगे. जबकि दो टी-20 मैच बैंगलोर और अहमदाबाद में खेले जाएंगे. आपको बता दें कि आखिरी बाद पाकिस्तान की टीम 2007 के नवंबर दिसंबर में भारत दौरे पर आई थी.
अगर भारतीय टीम के क्रिकेट कैलेंडर पर नजर डालें तो टीम के पास 22 दिसंबर 2012 से 11 जनवरी 2013 का वक्त खाली है और इसी खाली समय में बीसीसीआई ने सीरीज करवाने का फैसला किया है.
भारत 15 नवंबर से 17 दिसंबर तक इंग्लैंड के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगा. 20 और 22 दिसंबर को भारत-इंग्लैंड के बीच दो टी-20 मैच की सीरीज है. 22 दिसंबर के बाद इंग्लैंड क्रिसमस के लिए वापस लौट जाएगी.
दोनों देशों के बीच वनडे सीरीज 11 जनवरी से लेकर 27 जनवरी तक होगी. बड़ी बात ये है कि बीसीसीआई ने पाकिस्तान के भारत दौरे को लेकर सरकार से भी अनुमति ले ली है. यानि सरकार भी बोर्ड के इस फैसले पर उसके साथ है.
2008 में मुंबई पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच ये पहली सीरीज है जो भारतीय जमीन पर खेली जाएगी.

इसे लेकर कई लोग विरोध भी कर रहे हैं लेकिन बीसीसीआई सदस्य और केंद्र सरकार में संसदीय कार्य राज्य मंत्री राजीव शक्ल ने ये कहकर विरोध को खारिज कर दिय़ा कि 1965 और 71 की जंग के बाद भी जब दोनों देशों ने क्रिकेट बंद नहीं किया तो अब क्यों.
क्रिकेट फैंस को करीब पांच साल बाद मिलने वाला है भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट सीरीज का सबसे बड़ा रोमांच. वो रोमांच जिसकी रणभूमि भी तय हो चुकी है. अब इंतजार है क्रिकेट की सबसे बड़ी टक्कर का.

 

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