दोस्ताना मैच के पीछे था पाक का आतंकी खेल

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अबू जिंदाल ने किया खुलासा कहा मुम्बई हमले का मुख्य आरोपी साजिद मीर 2005 में पाक-भारत क्रिकेट मैच देखाने भारत आया था और दो हफ्ते रुका भी रहा

abu jandalकहते हैं दुश्मन पर भले ही कितनी बार यकीन कर लो पर पाक की दोस्ती पर कभी यकीन ना करो। क्रिकेट के खेल के बहाने आतंकी खेल की पूरी योजना बन चुकी थी। भारत ने पाकिस्तान के साथ रिश्ते सुधारने के लिए क्रिकेट का इस्तेमाल किया, लेकिन बदले में उसे धोखा मिला। पाकिस्तान में मौजूद आतंकियों ने क्रिकेट का इस्तेमाल मुंबई अटैक की तैयारी में किया। यह सनसनीखेज खुलासा मुंबई हमले को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाने वाले जबीउद्दीन अंसारी उर्फ अबू जिंदाल से किया है। उससे पूछताछ जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कई अहम खुलासे हो रहे हैं। जिंदाल के मुताबिक 26/11 अटैक का मुख्य आरोपी साजिद मीर उर्फ साजिद वाजिद भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच देखने के बहाने भारत आया। वह दो हफ्ते तक भारत में रहा और इस दौरान उसने दिल्ली और मुंबई में कई प्रमुख जगहों की रेकी की। मीर मुंबई अटैक के एक और मुख्य आरोपी अमेरिकी नागरिक कोलमेल हेडली से एक साल पहले ही लश्कर के अपने साथी के साथ दिल्ली-मुंबई आ चुका था। हेडली 2006 में भारत आया था। सूत्रों के मुताबिक दोनों 2005 में पाकिस्तानी पासपोर्ट पर फर्जी नाम के साथ मोहाली में भारत और पाकिस्तान का मैच देखने के बहाने आए थे। गौरतलब है कि भारत ने पाकिस्तान के साथ 2005 में क्रिकेट डिप्लोमेसी की शुरुआत की थी। इसके तहत पाकिस्तान के तत्कालीन राष्टï्रपति परवेज मुशर्रफ दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में भारत और पाकिस्तान का फाइनल मैच देखने आए थे। मीर ने सारी जानकारी हेडली को दी। हेडली अगले साल जब भारत आया तो दिल्ली और मुंबई की रेकी करने में उसे यह जानकारी बड़े काम आई। जिंदाल ने खुलासा किया है कि वह मीर ही था जिसने लश्कर आतंकी जकीउर रहमान लखवी के साथ मिलकर ताजमहल होटेल का नक्शा तैयार किया।
मुंबई पर अटैक करने वाले आतंकी इसी नक्शे की मदद से ताज होटेल के चप्पे-चप्पे से वाकिफ थे। ब्लू प्रिंट में ताज होटेल के बॉल रूम का खासतौर पर जिक्र था। आतंकियों ने यहीं सबसे ज्यादा कहर बरपाया था। यही नहीं मीर ने ताज होटेल का मॉडल बनाकर आतंकियों को खास ट्रेनिंग दी थी। जिंदाल ने यह भी खुलासा किया है कि हमले के बाद आतंकियों का पाकिस्तान लौटने का प्लान था, लेकिन लखवी ने इसे रद्द कर दिया। उसका तर्क था कि भारत से लौटना नामुमकिन है। वे पकड़े जा सकते हैं, जबकि भारत में उनके छिपने के कई ठिकाने हैं। आतंकियों के मुंबई रवाना होने से पहले लश्कर के चीफ हाफिज सईद ने सभी आतंकियों को एक भडक़ाऊ भाषण दिया था। सईद ने आतंकियों से कहा था कि अगर वे मारे गए तो उन्हें जन्नत नसीब होगी जहां 72 कुंवारी लड़कियां उनका इंतजार कर रही होंगी।

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