दीदी को झटका गोपाल कृष्ण गांधी ने भी किया इनकार

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mamta-gopal-krishan-gandhiपहले कलाम और अब गोपाल कृष्ण गांधी ने चुनाव लडऩे से इनकार दीदी को करारा झटका दिया है। राष्ट्रपति चुनाव के बाद उपराष्ट्रपति चुनाव में भी ममता बनर्जी मुंह की खानी पड़ी है। पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल गोपालकृष्ण गांधी ने उपराष्ट्रपति का चुनाव लडऩे से इनकार कर दिया है। तृणमूल कांग्रेस की मुखिया ममता बनर्जी उन्हें उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाना चाहती थीं। लेकिन अपनी उम्मीदवारी की अटकलों पर विराम लगाते हुए गोपालकृष्ण गांधी ने रविवार को साफ तौर पर कहा कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा, मैंने मेरे नाम के बारे में सोचने और उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए यूपीए के सहयोगी दलों को मेरा नाम सुझाने के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का आभार व्यक्त किया है। जब गांधी से पूछा गया कि क्या किसी अन्य नेता ने उनसे चुनाव लडऩे का अनुरोध किया है तो उन्होंने कहा, कुछ लोगों ने मुझसे संपर्क किया लेकिन मैंने कहा कि आपका धन्यवाद। मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा।उन्होंने शनिवार को अंसारी के नाम की घोषणा के बाद उन्हें बधाई भी दी।

गौरतलब है कि एक दिन पहले ही यूपीए ने उपराष्ट्रपति पद के अपने उम्मीदवार के तौर पर दूसरे कार्यकाल के लिए हामिद अंसारी का नाम घोषित किया। यूपीए के साथ एसपी और बीएसपी जहां 75 वर्षीय अंसारी के दूसरे कार्यकाल के लिए उनका समर्थन कर रहे हैं वहीं तृणमूल ने अभी पत्ते नहीं खोले हैं। दूसरी तरफ, बीजेपी जसवंत सिंह या जेडीयू अध्यक्ष शरद यादव को मैदान में उतारने की कोशिश कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी समेत कुछ विपक्षी दलों के कुछ नेता इस बारे में शरद यादव से बात कर चुके हैं। उन्हें भरोसा है कि शरद यादव के नाम पर बाकी दलों से समर्थन जुटाया जा सकेगा। बीजेपी कोर ग्रुप की बैठक में उपराष्ट्रपति का चुनाव लडऩे का फैसला किया गया था। एनडीए सहयोगियों की बैठक 16 जुलाई को होगी। उसके बाद कैंडिडेट का नाम घोषित किया जाएगा।तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य कुणाल घोष ने कल कहा था कि रेल मंत्री मुकुल रॉय ने यूपीए की बैठक में गांधी और पूर्व सांसद कृष्णा बोस के नाम की पेशकश की थी। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को ममता बनर्जी से फोन पर बात कर अंसारी के लिए समर्थन मांगा। ममता ने खबरों के मुताबिक उनसे कहा कि वह दो तीन दिन में अंतिम फैसला करेंगी।इसके पहले राष्ट्रपति पद के लिए ममता बनर्जी ने एपीजे अब्दुल कलाम का नाम लिया था लेकिन उन्होंने भी चुनाव लडऩे से इनकार कर दिया था। एनसीपी के शरद पवार की नाराजगी भी यूपीए को मुश्किल में डाल सकती है। माना जा रहा है कि कैबिनेट में खुद को नंबर-2 न बताए जाने की वजह से शरद पवार नाराज हैं।

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