श्रीमद् भागवत कथा सुनने से पापों का नाश होता है

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संत कबीर नगर जनपद के ग्राम सभा बाहिलपार में नव युवक मंगल दल कांवरिया संग वह क्षेत्रवासियों के कर कमलों द्वारा सावन मास तेरस के शुभ अवसर पर बाबा सिद्धेश्वर नाथ मंदिर पर श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया है कथा व्यास बाबा श्री बलराम दास जी महाराज के द्वारा सुनाए गए प्रवचन से क्षेत्रवासियों में काफी उत्साह एवं ललक भक्ति में लीन श्रद्धालु कथा के प्रेमियों नें सुनकर अपने जीवन को सत-सत धंय बनाए जिसमें रात्रि में कथा के के दौरान श्री कृष्ण भगवान ने जन्म लिया
क्योंकि यह दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्मदिवस माना जाता है। इसी तिथि की घनघोर अंधेरी आधी रात को रोहिणी नक्षत्र में मथुरा के कारागार में वसुदेव की पत्नी देवकी के गर्भ से भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म लिया था। यह तिथि उसी शुभ घड़ी की याद दिलाती है और सारे देश में बड़ी धूमधाम से मनाई जाती है।
जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण की जन्म संबंधी कथा भी सुनते-सुनाते हैं, जो इस प्रकार है-

‘द्वापर युग में भोजवंशी राजा उग्रसेन मथुरा में राज्य करता था। उसके आततायी पुत्र कंस ने उसे गद्दी से उतार दिया और स्वयं मथुरा का राजा बन बैठा। कंस की एक बहन देवकी थी, जिसका विवाह वसुदेव नामक यदुवंशी सरदार से हुआ था।
एक समय कंस अपनी बहन देवकी को उसकी ससुराल पहुंचाने जा रहा था।
रास्ते में आकाशवाणी हुई- ‘हे कंस, जिस देवकी को तू बड़े प्रेम से ले जा रहा है, उसी में तेरा काल बसता है। इसी के गर्भ से उत्पन्न आठवां बालक तेरा वध करेगा।’ यह सुनकर कंस वसुदेव को मारने के लिए उद्यत हुआ।

तब देवकी ने उससे विनयपूर्वक कहा- ‘मेरे गर्भ से जो संतान होगी, उसे मैं तुम्हारे सामने ला दूंगी। बहनोई को मारने से क्या लाभ है?’
कंस ने देवकी की बात मान ली और मथुरा वापस चला आया। उसने वसुदेव और देवकी को कारागृह में डाल दिया।

वसुदेव-देवकी के एक-एक करके सात बच्चे हुए और सातों को जन्म लेते ही कंस ने मार डाला। अब आठवां बच्चा होने वाला था। कारागार में उन पर कड़े पहरे बैठा दिए गए। उसी समय नंद की पत्नी यशोदा को भी बच्चा होने वाला था।

उन्होंने वसुदेव-देवकी के दुखी जीवन को देख आठवें बच्चे की रक्षा का उपाय रचा। इस दौरान नवयुवक मंडल घर के मृत्युंजय राय मणिन्द राय संदीप गुप्ता जितेंद्र राय अनूप चौरसिया सौरभ राय मोनू पांडेय हाकिम चौरसिया दुर्विजय शर्मा प्रदीप शर्मा आनंद राय सुधाकर राय समेत सभी क्षेत्रवासी मौजूद रहे

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