दलों के दलदल में फंसा इन्दिरा मनोरंजन वन

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पूर्व प्रधान मन्त्री स्वर्गीय इन्दिरा गाँधी के नाम से इन्दिरा मनोरंजन वन अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है आखिर क्यों?

दीप शंकर मिश्र”विद्यार्थी”
विशेष संवाददाता

स्वर्गीय इन्दिरा गांधी के नाम से स्थापित जनपद लखीमपुर खीरी का इन्दिरा मनोरंजन वन खीरी जनपद के प्रसिद्ध स्थानों में एक है जो विगत कुछ वर्षों से अपनी दुर्दशा पे आँशु बहा रहा है।
इस वन का नाम इन्दिरा गांधी के नाम से जरूर है मगर इस वन की दुर्दशा को देख ये नही लगता कि देश की सर्व श्रेष्ठ प्रधान मन्त्री के नाम से स्थापित यह वन लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा होगा ।
क्षेत्रीय लोगों ने नेताओ से इस मनोरंजन वन की मरम्मत कर फिर से पहले की तरह चालू कराने की मांग कई बार की मगर दो अच्छरो का नाम नेता भी बहुत महान होता है । आज तक किसी भी नेता का ध्यान उस वन की तरफ आकर्षित नही हुआ
इस वन के अंदर जाने का पुल मयी रास्ता इतना जर्जर है कि कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है।
इस वन के अंदर जाने का पुलमयी रास्ता जो अब पूरी तरह बेकार हो चुका है इस वन पार्क का पुनरोद्धार मार्च 2006 में वनविभाग की तरफ से थोडा किया गया था तब से लेकर आज तक इसकी तरफ किसी ने ध्यान नही दिया है।
पहले कभी इन्दिरा मनोरंजन वन/प्राणी उद्यान में मृग बिहार/वन्य जंतु दर्शन, जंगल पिकनिक, बालोद्यान/झूला पार्क, वृक्षोद्यान, वन संग्रहालय, नोकाबिहार, चन्दनवन, घड़ियाल ताल, स्मृति वन, पौधशाला, कृषक सूचना केंद्र, चीतल, पाड़ा लोगों का आकर्षण बनते थे जो अब ख्वाब है सपना है हाँ वन बिभाग की लापरवाही के चलते इस वन के अंदर सिर्फ जंगल व बड़ी बड़ी घास के साथ टूटे फूटे बोट व शराब की बोतलें दिखाई पड़ती है न तो यहाँ कोई घूमने आता है न तो यहाँ कोई ऐसी आकर्षक चीज है जिसे लोग देखने के लिए इस वन में आये।
फिलहाल इन्दिरा गांधी के नाम से बना मनोरंजन वन की दुर्दशा को देख शाशन प्रसाशन बना मूकदर्शक बना हैजिसकी वजह से अपनी दुर्दशा को देख आँशु बहा रहा है देश की सर्व श्रेष्ठ प्रधानमन्त्री रही स्व इंदिरा गांधी के नाम से स्थापित जनपद लखीमपुर खीरी का इन्दिरा मनोरंजन वन।

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