ग्‍वादर पोर्ट की सुरक्षा के लिए चीन ने पाक को दिए दो पोत

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पाकिस्तान को चीन ने को दो पोत सौंपे हैं। दोनों देशों के बीच के संबंधों में काफी मजबूती देखने को मिल रही है। यह पोत चीन ने पाकिस्‍तान के बीच तैयार हो रहे आर्थिक कॉरिडोर की सुरक्षा के नाम दिए हैं। इसके अलावा आने वाले समय में चीन दो अन्‍य पोत भी पाकिस्‍तान को सौंपने वाला है। इसके जरिए वह इस आर्थिक कॉरिडोर की ज्‍वाइंट सिक्‍योरिटी करेगा। इनकी तैनाती ग्‍वादर बंदरगाह पर की जाएगी। पाकिस्‍तान के नौसेना प्रमुख एडमिरल अरिफुल्‍लाह हुसैनी ने इन दो पोतों को रिसीव किया।

पाकिस्‍तान हुआ पहले से अधिक मजबूत
इन दोनों का नाम पीएमएसएस हिंगोल और पीएमएसएस बसोल है। ये नाम चीन की दो नदियों पर रखा गया है। पाकिस्‍तान के एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक यह दोनों पोत अब से पाकिस्‍तान नौसेना का हिस्‍सा होंगे। इन दो पोतों के मिल जाने से पाकिस्‍तान नेवी को समुद्री सुरक्षा में और मजबूती मिलेगी। अखबार की रिपोर्ट में कहा गया है कि सीपैक के बाद से ही दोनों देशों के बीच संबंधों में काफी मजबूती देखने को मिल रही है। इसके साथ ही पाकिस्‍तान पहले से अधिक मजबूत होता जा रहा है।

ग्‍वादर की सुरक्षा के लिए नई डिवीजन
जानकारी के अनुसार, चीन की तरफ से पाक को दो और पोत दश्‍त और झोब भी जल्‍द ही मिल जाएंगे। इस पर काम किया जा रहा है। आर्थिक कॉरिडोर के लिए पाकिस्‍तान ने एक नई डिवीजन का भी गठन किया है। ग्‍वादर पोर्ट की सुरक्षा का जिम्‍मा पहले ही सेना की नई डिवीजन के हाथों में सौंप दिया गया है। इस नई डिवीजन का गठन पूर्व सेना प्रमुख राहिल शरीफ के कार्यकाल में ही कर लिया गया था।

कितनी है लागत
दोनों देशों के बीच बन रहे इस आर्थिक कॉरिडोर पर करीब 54 बिलियन डॉलर की लागत का अनुमान है। इसके जरिए चीन सिल्‍क रूट को दोबारा सामने लाने की कोशिश कर रहा है। इस रूट के जरिए वह काशगर और ग्‍वादर से सीधेतौर पर जुड़ना चाहता है। इसके लिए वह इस रूट पर तेजी से सड़क और रेल परिवहन के साथ साथ ऑप्‍टीकल फाइबर और पाइपलाइन का निर्माण कर रहा है।

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