रसोई पर पड़ा डाका, छह महीने में 270 रुपये बढ़े दाम

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बिना सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर का दाम अब 86 रुपये बढ़कर 737.50 रुपये हो गया है। बिना-सब्सिडी वाले सिलेंडर के दाम में यह अब तक का सबसे बड़ा एकमुश्त इजाफा है। पेट्रोलियम कंपनियों ने कीमतों में इस इजाफे के पीछे अंतर्राष्ट्रीय बाजार में दाम बढ़ने को वजह बताया है। वहीं कांग्रेस ने एलपीजी सिलेंडर के दाम में इस इजाफे को लेकर केंद्र सरकार पर प्रहार किया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं राज्यसभा सदस्य अहमद पटेल ने ट्वीट कर लिखा है, ‘पिछले छह महीनों में एलपीजी के दाम 466 रुपये से बढ़कर 737 रुपये हो गए। यूपीए सरकार की आलोचना करने वालों का अब क्या कहना है?’

बता दें कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम पदार्थों के दाम अक्टूबर 2016 के बाद से बढ़ रहे हैं। इसी वजह से 1 फरवरी को भी गैस सिलेंडर के दाम में 66.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। बिना-सब्सिडी वाले 14.2 किलो के सिलेंडर का दाम अब तक 651.50 रुपये था। वहीं सितंबर 2016 में एलपीजी सिलेंडर की कीमत 466.50 रुपये थी और तब से लेकर अब तक गैस सिलेंडर के दामों में 6 बार इजाफा किया गया है। पिछले साल सितंबर के बाद से अब तक यह 58% यानी 271 रुपये महंगा हो चुका है।

इसके अलावा तेल कंपनियों ने सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर के दाम में भी 13 पैसे की मामूली इजाफा करते हुए 434.93 रुपये प्रति सिलेंडर कर दिया है। इससे पहले 1 फरवरी को इसमें 9 पैसे की बढ़ोतरी की गई थी। तेल कंपनियों ने इसके साथ ही विमान ईंधन के दाम भी 214 रुपये प्रति किलोलीटर बढ़ाकर 54,293.38 रुपये प्रति किलोलीटर कर दिए। इससे पहले इसमें 1 फरवरी को 3% की वृद्धि की गई थी।

इस इजाफे के बार में जानकारी देते हुए तेल कंपनियों की ओर से जारी आधिकारिक वक्तव्य में कहा गया है कि बिना-सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर के दाम में की गई वृद्धि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी उत्पादों की मूल कीमतों में आई बढ़त के अनुरूप है।

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