गूगल सीईओ सुंदर पिचाई को पिछले साल मिली करीब 13 अरब रुपये की सैलरी

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नई दिल्ली। भारत में पैदा हुए और अब गूगल के सीईओ 44 वर्षीय सुंदर पिचाई की एक साल की कमाई जानकर आप हैरान हो जाएंगे। उन्‍हाेंने बीते साल करीब 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर की सैलरी उठाई है। भारतीय रुपए के लिहाज से यह रकम करीब 12.85 अरब रुपए (20 करोड़ डॉलर) बैठती है, यानी लगभग 1300 करोड़ रुपए। यह रकम साल 2015 में उन्हें मिली सैलरी की लगभग दो गुना है। माना जा रहा है कि कंपनी ने उनके प्रदर्शन से खुश होकर उन्हें बड़ा इनाम दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2016 में पिचाई को $650,000 करीब 5 करोड़ रुपये दिए गए थे जो कि 2015 दिए गए सैलरी से थोड़ी कम है। लेकिन लंबे समय तक गूगल के कर्मचारी रहने के बाद जब अगस्त 2015 में कंपनी का पुनर्गठन किया तब सुंदर पिचाई को गूगल का सीईओ बनाया गया। उसके बाद इन्हें 2016 में $198.7 मिलियन करीब 13 अरब रुपये स्टॉक अवार्ड के रुप में दिया गया जो कि 2015 के स्टॉक अवार्ड $99.8 मिलियन करीब 6.5 अरब की तुलना में दोगुनी है। इस तरह से पिचाई को पिछसे साल $199.7 मिलियन दिए गए जो कि उससे पहले दिए गए $100.6 मिलियन की तुलना में दोगुनी है। पिचाई को इतनी भारी भरकम रकम मिलने के पीछे ये भी कारण है कि पैरेंट कंपनी के को फाउंडर लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन ने सीईओ और प्रेसिडेंट की भूमिका में रहते हुए केवल $1 करीब 70 रुपये ही लिए, जबकि दोनों को स्टॉक होल्डिंग के जरिए $40 बिलियन करीब 26 खरब रुपये मिलने चाहिए। पिचाई को बढ़त तब मिली जब गूगले की सेल 22.5 फिसदी बढ़ गई और शुद्ध आय में 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। क्योंकि गूगल इंटरनेट विज्ञापन में नंबर एक पर काबिज है।

कंपनी ने क्यों दिया इतना बड़ा पैकेज
गूगल की कॉम्पनसेशन कमिटी ने इतना भारी-भरकम वेतन सीईओ के पद पर उनका प्रमोशन और कई प्रॉडक्ट्स की कामयाब लॉन्चिंग के लिए दिया है। पिचाई के नेतृत्व में गूगल को अपने प्रमुख विज्ञापनों एवं यूट्यूब बिजनेस से मुनाफा हुआ। इस दौरान कंपनी ने मशीन लर्निंग, हार्डवेयर और क्लाउड कंप्यूटिंग में भी निवेश किया है। साल 2016 में गूगल ने नए स्मार्टफोन्स, वर्चुअल रिऐलिटी हेडसेट, राउटर और वॉइस कंट्रोल्ड स्मार्ट स्पीकर्स को बाजार में उतारा। इन प्रॉडक्ट्स से कंपनी को बहुत लाभ हुआ। दूसरी कैटिगरी, मसलन हार्डवेयर और क्लाउड सर्विसेज आदि से हालिया तिमाही में गूगल की कमाई 3.1 बिलियन डॉलर (करीब 199 अरब रुपये) तक पहुंच गई जो बीते साल की समान अवधि के मुकाबले डेढ़ गुना है।

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