अक्षय तृतीया पर लोगों ने जमकर की खरीददारी, सोने के दाम में आया उछाल

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नई दिल्ली। घर में बरकत बढ़ाने के लिए लोगों ने शुक्रवार को अक्षय तृतीया के अवसर पर जमकर सोना खरीदा। सोने की खरीदारी बढऩे से शुक्रवार को सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 30 रुपए के उछाल के साथ 29,480 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। विदेशों में भी सोने की खरीद बढऩे से कीमतों में तेजी को समर्थन मिला है। हालांकि, चांदी पर बिक्री का दबाव आज भी बना रहा और इंडस्ट्रियल यूनिट व सिक्का निर्माताओं की ओर से मांग घटने से इसकी कीमतें 200 रुपए और घटकर 40,500 रुपए प्रति किलोग्राम रह गई। कारोबारियों के मुताबिक अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर खरीदारी निकलने के साथ ही साथ विदेशों में सकारात्मक रुख की वजह से सोने की कीमतों को बढ़ावा मिला है।

सिंगापुर में सोने की कीमत 0.14 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,265.30 डॉलर प्रति औंस रही। शुक्रवार को कीमती धातुओं विशेषकर सोने और हीरे के बिक्री आम दिनों की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक देखी जा रही है। राष्ट्रीय राजधानी में 99.9 और 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 30 रुपए बढ़कर क्रमश: 29,480 और 29,330 रुपए प्रति 10 ग्राम रही। इससे पहले गुरुवार को सोने की कीमतों में 100 रुपए की तेजी आई थी। हालांकि, गिन्नी का भाव स्थिर रहा और इसका भाव 24,400 रुपए प्रति आठ ग्राम बना रहा। दूसरी ओर चांदी तैयार का भाव 200 रुपए घटकर 40,500 रुपए प्रति किलोग्राम रह गया। वहीं साप्ताहिक आधारित डिलेवरी का भाव 340 रुपए घटकर 39,620 रुपए प्रति किलोग्राम रह गई। चांदी सिक्कों का भाव प्रति सैकड़ा 70,000 रुपए खरीद और 71,000 रुपए बिक्री रहा।

घर, वस्त्र और जमीन-जायदाद में भी निवेश होता है शुभ
28 अप्रैल यानी आज अक्षय तृतीया है. अक्षय तृतीया को दान-धर्म का महापर्व भी कहा जाता है। अक्षय तृतीया या आखा तीज वैशाख मास में शुक्ल पक्ष की तीसरी तिथि को होती है. ग्रंथों के अनुसार इस दिन किये जाने वाले सभी शुभ कार्यों का अक्षय फल मिलता है। अक्षय तृतीया का सिद्ध मुहूर्त के रूप में विशेष महत्व है. माना जाता है कि इस दिन बिना पंचांग देखे कोई भी शुभ एवं मांगलिक कार्य जैसे जमीन-जायदाद, घर, वाहन, वस्त्र-आभूषणों आदि की खरीददारी, गृह-प्रवेश, विवाह जैसे कार्य किये जा सकते हैं. पुराणों के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन किसी प्रकार का दान अक्षय फल प्रदान करता है।
कई मान्यताएं इस तिथि को लेकर भी हैं

अक्षय तृतीया को लेकर कई मान्यताएं भी हैं. बताया जाता है कि भगवान विष्णु के 24 अवतारों में से परशुराम का अवतार इसी दिन हुआ था। बद्रीनारायण के पट भी आज से खुलते हैं। इसके अलावा वृंदावन के प्रख्यात बांके बिहारी के चरण दर्शन भी अक्षय तृतीया को ही होते हैं। माना जाता है कि महाभारत युद्ध का अंत भी इसी दिन हुआ था।

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