शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 109वीं जयंति पर उनके 10 रोंगटे खड़े कर देने वाले विचार

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देश के सबसे बड़े क्रांतिकारी शहीदे आजम भगत सिंह की आज जयंति है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर भगत सिंह को याद करते हुए उनको श्रद्धासुमन अर्पित किए।

सिर्फ 24 साल में देश के लिए शहीद होने वाले भगत सिंह की जिंदगी की तरह उनकी बातें भी प्रेरणा देती हैं। आज भी उनका हर एक विचार आपके रोंगटे खड़े कर देता है। आइए शहीदे आजम भगत सिंह के ऐसे ही 10 विचारों के बारे में जानें…

1. जिंदगी तो सिर्फ अपने ही दम पर जी जाती है, दूसरों के कंधे पर तो सिर्फ जनाजे उठाए जाते हैं
2. प्रेमी पागल और कवि एक ही चीज से बने होते हैं और देशभक्‍तों को अक्‍सर लोग पागल कहते हैं
3. राख का हर एक कण मेरी गर्मी से गतिमान है, मैं एक ऐसा पागल हूं जो जेल में आजाद है
4. किसी को क्रांति शब्‍द की व्‍याख्‍या शाब्दिक अर्थ में नहीं करनी चाहिए। जो लोग इस शब्‍द का उपयोग या दुरुपयोग करते हैं, उनके फायदे के हिसाब से इसे अलग-अलग अर्थ और मायने दिए जाते हैं।
5. अगर बहरों को सुनाना है तो आवाज को बहुत जोरदार होना होगा। जब हमने बम गिराया तो हमारा मकसद किसी को मारना नहीं था. हमने अंग्रेज हुकूमत पर बम गिराया था।
6. आमतौर पर लोग जैसी चीजें हैं, उसके आदी हो जाते हैं और बदलाव के विचार से ही कांपने लगते हैं. हमें निष्क्रियता की भावनर को क्रांतिकारी भावना से बदलना है
7. मैं इस बात पर जोर देता हूं कि मैं महत्‍वाकांक्षा, उम्‍मीद और जिंदगी के प्रति आकर्षण से भरा हूं लेकिन जरूरत पड़ने पर ये सब त्‍याग सकता हूं और वही सच्‍चा बलिदान है
8. व्‍यक्तियों को कुचलकर भी आप उनके विचार नहीं मार सकते हैं
9. क्रांति मानव जाति का एक अपरिहार्य अधिकार है. स्‍वतंत्रता सभी का ए‍क कभी न खत्‍म होने वाला जन्‍मसिद्ध अधिकार है. श्रम समाज का वास्‍तविक निर्वाहक है
10. निष्‍ठुर आलोचना और स्‍वतंत्र विचार, ये दोनों क्रांतिकारी सोच के दो अहम लक्षण हैं

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