जमीन दें या जान, मुश्किल में राजस्थान के किसान

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राजस्थान में किसान सरकार से इस हद तक नाराज है कि वह जान देने तक को तैयार हैं। कई सप्‍ताह से खुद को जमीन में गाड़कर भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे किसान। सरकार के पास किसानों की समस्‍या का कोई हल नजर नहीं आ रहा। भूमि अधिग्रहण के मौजूदा स्‍वरूप के कई साइड इफेक्‍ट देखने को मिल रहे हैं।

किसानों का कहना है जयपुर डवलपमेंट अथॉरिटी उनकी जमीन हाउसिंग प्रोजेक्ट बनाने के लिए ले रही है।राजस्थान के जयपुर जिले के गांव नींदड़ में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों का कहना है जयपुर डवलपमेंट अथॉरिटी उनकी जमीन हाउसिंग प्रोजेक्ट बनाने के लिए ले रही है। किसानों ने अपनी पीड़ा कई स्तर पर सुनाई, लेकिन उनकी बात कोई सुनने को तैयार नहीं है। जिसके बाद किसानों ने जमीन में गड्ढा खोदकर खुद को उसमें गाड़कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर किया। यह योजना 1350 बीघा जमीन पर बनाए जाएगी। बताया जा रहा है कि इस योजना से करीब 18 हजार लोग प्रभावित होंगे। ये लोग रोजाना खुद को जमीन में गाड़ लेते हैं। प्रदर्शन करने वालों का कहना है कि जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाएंगी, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।

किसानों ने जमीन में खुद का गाड़कर विरोध करने का फैसला 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के दिन लिया था। उन्होंने इसे ‘जमीन समाधि सत्याग्रह’ कहा है। किसानों ने जमीन में गड्ढा खोदा और उसमें अपने आपको गर्दन तक गाड़ लिया। किसानों के साथ उनके परिवार के लोग भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हैं। महिलाओं ने इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया है। किसानों का कहना है कि यह प्रदर्शन यह दर्शाता है कि एक बार किसानों की जमीन ले ली जाए तो उनकी स्थिति कैसी हो जाएगी।

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