मोदी सरकार ने आईआईटी में लड़कियों का कोटा 20 प्रतिशत बढ़ाया

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नई दिल्ली। मोदी सरकार बेटियों को आगे बढ़ाने और पढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत है। ग्रेजुएट तक मुफ्त शिक्षा के साथ ही और भी कई रियायते दे रही है। मोदी सरकार के एक बड़े फैसले के तहत इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) में लड़कियों को बढ़ावा देने के लिए लड़कियों के कोटे में 20 फीसदी सीटें बढ़ाई गई हैं। शनिवार को ज्वॉइंट एडमिशन बोर्ड (JAB) ने ये फैसला लिया। फैसले में कहा गया है कि 20 फीसदी सीटों में से 14 फीसदी सीटें 2018, 17 फीसदी सीट 2019 और 20 फीसदी सीटें 2020 में दी जाएंगी। यानी आने वाले तीन सालों में ये पूरी तरह से लागू हो जाएगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि महिला उम्मीदवारों को दाखिला देने के लिए 20 फीसदी कोटा लाया जा रहा है। इस विभाग में लड़कियों की संख्या कम है। ऐसे में उन्हें समान शिक्षा का अधिकार मिल सकेगा।

काउंसलिंग के सात राउंड होंगे

2014 में 8.8 फीसदी महिलाओं ने दाखिला लिया था, 2015 में यह आंकड़ा बढ़कर 9 तक पहुंचा लेकिन 2016 में यह फिर से गिरकर 8 फीसदी हो गया था। ज्वॉइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी (JOSAA) इस बारे में विचार कर रही है कि IIT और NIT की काउंसलिंग एक साथ की जाए। जो स्टूडेंट काउंसलिंग के चार राउंड बाद भी अपनी पसंद का कोर्स नहीं चुनेंगे उनकी एडमिशन फीस का 50 फीसदी हिस्सा जब्त हो जाएगा। पिछले साल तक IIT और NIT ने काउंसलिंग के कुल छह राउंड किए थे। लेकिन अब सात राउंड होंगे।

आईआईएम में भी हो रहा विचार

उदाहरण के तौर पर, अगर 100 सीटें हैं और 10 लड़कियों ने ली है तो लड़कियों के लिए 20 फीसदी सीटें बढ़ा दी जाएंगी। साल 2018 से आईआईटी में लड़कियों की भागीदारी बढ़ जाएगी। हालांकि ये भी कहा गया है कि लडकियों की खाली सीटें लडकियों द्वारा ही भरी जाएगी। क्या आपको पता है कि फिलहाल आईआईटी में 8 फीसदी ही छात्राएं है। आईआईएम में भी इसपर विचार शुरू कर रहा है क्योंकि साल 2016 के बाद से इस संस्थान में भी लड़कियों की सीटों में गिरावट आई है।

 

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