सोमवार से थम सकते हैं दिल्ली मेट्रो के पहिए

144

नई दिल्ली। दिल्ली की लाइफलाइन कही जाने वाली दिल्ली मेट्रो को सोमवार को ब्रेक लग सकता है। अपनी मांगों को लेकर डीएमआरसी स्टाफ काउंसिल ने 24 जुलाई को पूरी तरह काम बंद रखने का ऐलान किया है। अगर ऐसा हुआ तो दिल्ली वालों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। स्टाफ यूनियन का कहना है कि विभागीय अनुशासनहीनता का आरोप लगाकर मुख्य आरटीआई पर्यवेक्षक विनोद शाह को नौकरी से निकाल दिया गया। अनिल कुमार मेहता और रवि भारद्वाज नाम के दो कर्मचारियों को मेजर पेनाल्टी का नोटिस दिया गया है।
मांगें नहीं मानी गईं तो होगी मुश्किल
कर्मचारियों ने शुक्रवार को भी बदरपुर, विश्वविद्यालय, कुतुब मीनार, शाहदरा समेत 7 मेट्रो स्टेशनों पर विरोध किया, हालांकि इससे मेट्रो के परिचालन में ज्यादा दिक्कत नहीं आई। ट्रेन ऑपरेटरों के साथ-साथ मेट्रो के संचालन, मरम्मत और देखरेख में लगे कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार से काली पट्टी बांधकर विरोध शुरू कर दिया। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की स्टाफ काउंसिल के सेक्रटरी अनिल कुमार महतो ने कहा कि मेट्रो में करीब 9 हजार का परमानेंट स्टाफ है। रविवार शाम को कर्मचारी यमुना बैंक स्टेशन पर इकट्ठे होंगे। मांगें नहीं मानी गईं तो सोमवार से कोई भी काम पर नहीं जाएगा।
वेतनमान बढ़ाने का है सबसे बडा मुद्दा
यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों का वेतनमान बढ़ाने के लिए 29 मई 2015 को मेट्रो प्रबंधन ने स्टाफ यूनियन के साथ समझौता किया है। उसका अब तक पालन नहीं किया गया। मेट्रो में तीसरा वेतन आयोग आने वाला है। कर्मचारियों से विचार-विमर्श करके ही तीसरे वेतन आयोग में वेतनमान तय किया जाना चाहिए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here