बाप रे बाप… इस बाप ने बेटियों को चलती ट्रेन से फेंक दिया

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मोतिहारी। एक कलयुगी बाप ने अपनी बेटियों की जान लेने की कोशिश की.
एक पिता ने अपनी तीन मासूम बेटियों को चलती ट्रेन से फेंक दिया. इससे एक बच्ची की मौत हो गयी, जबकि दो मासूमों का उत्तर प्रदेश के सीतापुर के एक अस्पताल मे भर्ती कराया गया है. एक बच्ची रामकोट थाने के गौरा गांव के पास, दूसरी इसी थाना क्षेत्र के भवानीपुर के पास बेहोश मिली, जबकि तीसरी बच्ची का शव मानपुर थाना क्षेत्र के रमईपुर हॉल्ट के करीब पाया गया. इस संबंध में सीओ सिटी योगेंद्र सिंह ने बताया कि मोतिहारी के एसपी से संपर्क किया गया है. बच्चियों से मिली जानकारी के अनुसार उसके परिजनों की खोजबीन की जा रही है. जीआरपी एसओ को केस दर्ज करने के निर्देश दिये गये हैं.
जानकारी के अनुसार, अमृतसर से बिहार के सहरसा जा रही ट्रेन नंबर-152101 अमृतसर-सहरसा जनसेवा एक्सप्रेस से तीन मासूम बच्चियों को उसके पिता ने मंगलवार को फेंक दिया. सुबह लगभग साढ़े सात बजे जिले के रामकोट थाने के भवानीपुर गांव के पास टहलने निकले दिनेश मिश्रा ने एक बच्ची को रेल पटरी के किनारे बेहोशी की हालत में पड़ा देखा. बेहोश बच्ची को पानी के छींटे मार कर होश में लाया गया. होश में आने पर आठ साल की अल्बुन खातून ने कुछ दूर पहले छोटी बहन को भी फेंके जाने की जानकारी दी. दिनेश ने उत्तर प्रदेश के डायल 100 के साथ 108 एंबुलेन्स को इसकी सूचना दी और अन्य ग्रामीणों को लेकर दूसरी बच्ची की खोज में जुट गये. लगभग एक किलोमीटर दूर दूसरी बच्ची बेहोशी की हालत में पड़ी मिली. एंबुलेन्स भी तुरंत पहुंच गयी. एंबुलेन्स से घायल बच्चियों को जिला अस्पताल लाया गया, जहां दोनों का उपचार चल रहा है.

गहरी नींद में सो रही थी माँ

अस्पताल में होश आने पर पिता की बेरहमी का शिकार हुई आठ साल की अल्बुन खातून ने बताया कि बिहार के मोतिहारी जिले के गांव छोड़िया निवासी अपने पिता इद्दू व मां अबलीना खातून के साथ ट्रेन से जा रही थी. सुबह उसकी मां अबलीना खातून गहरी नींद में सो गयी. इसी दौरान उसके पिता उसकी छह वर्षीय बहन सलीना खातून को गेट के पास लेकर पहुंचे और चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया. इसके बाद उसे भी गेट के पास ले गये और फेंकदिया.
झाड़ियों में मिली तीसरी लाश
दूसरी ओर, मानपुर थाने के रमईपुर हॉल्ट के करीब ग्रामीणों ने शाम को झाड़ियों में बच्ची का शव देख कर पुलिस और जीआरपी को सूचना दी. जानकारी पुलिस अधीक्षक मृगेन्द्र सिंह तक पहुंची, तो उन्होंने सीओ सिटी योगेंद्र सिंह से शव की शिनाख्त अस्पताल में भर्ती बच्चियों से कराने की सलाह दी. सीओ सिटी स्वयं घटनास्थल पर गये और बच्ची के शव को जिला अस्पताल में भर्ती अल्बुन खातून को दिखाया. शव देखते ही अल्बुन दहाड़े मार कर रोने लगी. उसने बताया कि यह उसकी बहन मुन्नी खातून का शव है. अल्बुन के अनुसार, मुन्नी खातून उसकी मंझली बहन थी.
घायल बेटी ने पुलिस से कहा, पापा के पकड़िह जिन…
सीओ सिटी योगेंद्र सिंह ने बताया कि मोतिहारी के एसपी से संपर्क किया गया है. अस्पताल में होश में आने पर अल्बुन खातून (8 वर्ष) से पुलिस ने घटना के बारे में पूछा. काफी हिचकिचाते हुए अल्बुन ने कहा कि पापा ने पहले उसकी बहन और फिर उसे चलती ट्रेन से फेंक दिया. पुलिस ने अल्बुन से कहा, चिंता मत करो, तुम्हारे पापा को अभी पकड़वाते हैं. इतना सुनते ही अल्बुन जोर-जोर से रोने-चिल्लाने लगी-‘पकड़िह जिन.. हमरे अब्बू का पकड़िह जिन…’ अल्बुन के शब्द सुन कर पुलिसकर्मी व अस्पताल में मौजूद लोगों की आंखें नम हो गयीं. लोग बेरहम पिता के प्रति बेटी की ममता की बातें करने में मशगूल हो गये.
सलीना के पास ले जाने के बहाने अल्बुन को भी फेंका
अल्बुन ने बताया कि उसके पापा छोटी बहन सलीना को बाथरूम की तरफ लेकर गये थे. वापस अकेले लौटे, तो उसने सलीना के बारे में पूछा. पिता इद्दू ने बताया कि सलीना गेट के पास खड़ी है, तुम भी चलो. यह सुन कर अल्बुन भी उसके साथ चल दी. अल्बुन के अनुसार, गेट के पास पहुंचते ही पिता इद्दू ने उसे गोद में उठाया और बाहर फेंक दिया.

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